Adhar Card: आधार कार्ड को नहीं माना जाएगा जन्म प्रमाण पत्र, अब ये सिर्फ ID Card; महाराष्ट्र और यूपी सरकार का बड़ा ऐलान
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन दोनों राज्यों में आधार कार्ड को जन्म तिथि (Date of Birth) के प्रमाण पत्र के तौर पर मान्यता नहीं दी जाएगी।
- भारत
- 3 min read
Adhar Crad: उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। नियोजन विभाग ने एक नोटिस जारी कर बताया है कि उत्तर प्रदेश में आधार कार्ड अब जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार ने भी बड़ा फैसला लेते हुए यह आदेश जारी किया है कि अब आधार कार्ड के जरिए बने सभी जन्म प्रमाणपत्र रद्द किए जायेंगे।
उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब इन दोनों राज्यों में आधार कार्ड को जन्म तिथि (Date of Birth) के प्रमाण पत्र के तौर पर मान्यता नहीं दी जाएगी। गैर कानूनी काम के लिए इस्तेमाल होने वाले नकली जन्म प्रमाणपत्र और डेथ सर्टिफिकेट को रोकने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।
नियोजन विभाग ने बताया क्यों लिया गया फैसला?
उत्तर प्रदेश नियोजन विभाग ने सभी सरकारी विभागों को सर्कुलर जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब आधार कार्ड को जन्म प्रमाण पत्र या जन्म तिथि के प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विशेष सचिव अमित सिंह बंसल ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि आधार कार्ड में जन्म तिथि का कोई प्रमाणित दस्तावेज संलग्न नहीं होता है, इसलि इसे जन्म तिथि प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जा सकता है।
महाराष्ट्र सरकार ने भी बदले ये नियम
महाराष्ट्र सरकार ने भी आदेश जारी कर बताया कि राज्य में देरी से जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आधार कार्ड को डॉक्यूमेंट नहीं माना जाएगा और अगस्त 2023 अधिनियम में संशोधन के बाद सिर्फ आधार कार्ड से बने सभी जन्म प्रमाण पत्र कैंसिल कर दिए जाएंगे। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि गैर-कानूनी कामों के लिए नकली जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल रोका जा सके।
अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई
गुरुवार को राजस्व मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले ने आधार कार्ड के जरिए बनाये गए सभी संदिग्ध सर्टिफिकेट को रद्द करने का आदेश दिया है। साथ ही अबतक जिन अधिकारियों ने यह सर्टिफिकेट जारी किए है उन पर भी FIR जारी करने के निर्देश दिए हैं। रेवन्यू विभाग ने सभी तहसीलदारों सब डिविजनल ऑफिसर,डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर और डिविजनल कमिश्नर को 16 पॉइंट की एक वेरिफिकेशन गाइडलाइन जारी की है।
UIDAI ने किया ये काम
इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने 2 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबरों को डिएक्टिवेट कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार, आधार डेटाबेस की सटीकता को बनाए रखने के लिए देशभर में यह अभियान चलाया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को जारी किया गया आधार नंबर कभी भी दोबारा किसी दूसरे व्यक्ति को जारी नहीं किया जाता है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 28 November 2025 at 10:54 IST