अपडेटेड 13 February 2026 at 11:34 IST
बंगाल में निपाह वायरस का कहर: रिकवर हो चुकी नर्स की कार्डिएक अरेस्ट से गई जान, राज्य में पहली मौत दर्ज
Nipah Virus Death in India: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। इस बीच बारासात के एक अस्पताल में भर्ती नर्स की मौत का मामला सामने आया है। वो वायरस से रिकवर कर चुकी थीं। इस बीच कार्डिएक अरेस्ट से नर्स की जान चली गई।
Nipah Virus: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस से संक्रमित एक नर्स की मौत का मामला सामने आया है। बारासात के नारायण मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल 25 साल की महिला की जान चली गई। वो बीते दिनों निपाह की चपेट में आई थीं। हालांकि बाद में रिपोर्ट नेगिटिव आ गई थी, लेकिन नर्स की हालत तब भी गंभीर बनी हुई थी। गुरुवार (12 फरवरी) को हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई।
अधिकारी ने बताया कि नर्स लंबे समय तक कोमा में थीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई। बाद में उन्हें फेफड़ों का संक्रमण हो गया था।
नर्स की हालत में नहीं हो रहा था सुधार
पश्चिम बंगाल में पिछले महीने दो नर्सों में निपाह वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, जिसमें नर्स भी शामिल थीं। दोनों को इलाज के लिए बारासात के इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां वायरस से संक्रमित दूसरा पुरुष नर्स तो पूरी तरह ठीक हो गए और जनवरी में ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन महिला नर्स की हालत सुधर नहीं हो रहा था। वो निपाह वायरस से ठीक हो चुकी थीं, लेकिन कई जटिताओं से ग्रस्ति थी। इसके चलते उन्हें अस्पताल में ही रखना पड़ा।
क्या है निपाह वायरस?
WHO की वेबसाइट के मुताबिक, निपाह वायरस (NiV) एक जूनोटिक वायरस है (यह जानवरों से मनुष्यों में फैलता है) और दूषित भोजन के जरिए या सीधे लोगों के बीच भी फैल सकता है। संक्रमित लोगों में यह स्पर्शोन्मुख (सबक्लिनिकल) संक्रमण से लेकर तीव्र श्वसन बीमारी और घातक एन्सेफलाइटिस तक कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है। इसके लक्षण दो से तीन दिन में दिखने लगते हैं। शुरुआती लक्षण बुखार, सिर दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
कोरोना से ज्यादा खतरनाक है निपाह वायरस
निपाह वायरस कोविड 19 की तरह तेजी से नहीं फैलता है, लेकिन कोरोना की तुलना में यह वायरस अधिक खतरनाक है। इस वायरस से संक्रमित होने पर 40% से 75% लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है। निपाह वायरस जानवरों (जैसे चमगादड़ या सूअर) या दूषित खाद्य पदार्थों से मनुष्यों में फैल सकता है और सीधे इंसान से इंसान में भी फैल सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, इससे पहले 2001 में बंगाल के सिलिगुड़ी में निपाह से संक्रमित 66 में से 45 की मौत हो गई थी। वहीं, 2007 में राज्य के नदिया जिले में 5 लोग संक्रमित हुए और सभी की मृत्यु हो गई थी। फिलहाल इसकी रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 13 February 2026 at 11:34 IST