'मोहब्बत बुरी नहीं है, दुर्गा बनना, काली बनना, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनना...' पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू बेटियों से की अपील
बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की रथ यात्रा देर रात मध्य प्रदेश के सागर पहुँची। वहां जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने बेटियों को अपनी रक्षा और स्वाभिमान के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'बेटियों, दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन बुर्के वाली मत बनना।'
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बागेश्वर धाम के प्रमुख आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की चर्चित 'सनातन हिंदू एकता यात्रा' जब देर रात सागर पहुंची, तो शहर का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय और उत्साह से भर गया। यात्रा के स्वागत के लिए ठंड और रात की परवाह किए बिना हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर डटे रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय समर्थकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य अभिनंदन किया।
'एक रहेंगे, नेक रहेंगे और सेफ रहेंगे'
सागर पहुंचने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस यात्रा के मुख्य उद्देश्य पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पिछली यात्राओं की तुलना में इस बार वे और अधिक लोगों तक पहुँच पा रहे हैं और जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के समय में समाज को तोड़ने वाली ताकतों से निपटने के लिए सनातनियों का एकजुट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपना मूल मंत्र दोहराते हुए कहा, "यदि हम एक रहेंगे, तो नेक रहेंगे और पूरी तरह से सेफ रहेंगे।"
'रील के चक्कर में फंसकर मत करना भरोसा'
युवतियों को सोशल मीडिया के मायाजाल और धोखे से सावधान करते हुए पंडित शास्त्री ने गंभीर सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षण और रील्स की दुनिया में आसानी से भ्रमित हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी सुंदर दिखने वाले युवक के झांसे में न आएं और दूसरे मजहब के व्यक्ति पर आंख मूंदकर बिल्कुल भी भरोसा न करें, क्योंकि जरा सी लापरवाही जीवनभर का पछतावा बन सकती है।
'बेटियों... दुर्गा और काली बनो, बुर्के वाली नहीं'
अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बेटियों को संबोधित करते हुए एक सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'बेटियों... तुम मां दुर्गा और काली जैसी साहसी बनो, लेकिन कभी भी बुर्के वाली मत बनो।'उनके इस बयान के आते ही वहां मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारे लगाए और अपनी सहमति जताई। उनका यह संदेश महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने के लिए प्रेरित करता है।
युवाओं को मिला आंदोलन का अधिकार, पर देश की छवि का रखें ध्यान
आज की युवा पीढ़ी और जेन-जी (Gen-Z) आंदोलनों को लेकर पूछे गए सवाल पर आचार्य ने कहा कि देश के युवाओं को अपनी बात खुलकर रखने और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि आंदोलन या विरोध प्रदर्शन करते समय देश की छवि धूमिल नहीं होनी चाहिए। युवाओं की ऊर्जा देश की असली ताकत है, बशर्ते इस ऊर्जा का इस्तेमाल हमेशा एक सकारात्मक दिशा में किया जाए। गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हिंदुओं को संगठित करने के उद्देश्य से इन दिनों रथ यात्रा निकाल रहे हैं। इससे पहले वे दो बड़ी पदयात्राएं भी कर चुके हैं। सागर आगमन पर देर रात तक जिस प्रकार का जनसैलाब देखने को मिला, वह यह साबित करता है कि सनातन एकता के इस संदेश को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 14 October 2026 at 18:58 IST