केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने बेटे भगीरथ को हैदराबाद पुलिस को सौंपा, कहा- कानून के सामने सब बराबर हैं; पॉक्सो एक्ट में है आरोपी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे बंडी भगीरथ को मामले की जांच के लिए पुलिस के हवाले किया है। हालांकि पुलिस ने आत्मसमर्पण के दावे को खारिज कर दिया।
Hyderabad news: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी भगीरथ साई को नाबालिग के साथ कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया है। साइबराबाद पुलिस ने उनके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर जारी किया था, जिससे वह देश से बाहर न जा सके। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे बंडी भगीरथ को मामले की जांच के लिए पुलिस के हवाले किया है। हालांकि पुलिस ने आत्मसमर्पण के दावे को खारिज कर दिया।
बंडी संजय कुमार, गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री और BJP सांसद हैं। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि सत्यमेव जयते, आज मैंने अपने बेटे बंडी भगीरथ को जांच के लिए एक वकील के जरिए पुलिस को सौंप दिया है। मैंने यह पहले भी कहा है कि चाहे मेरा अपना बेटा हो या कोई आम नागरिक, कानून के सामने सब बराबर हैं।
जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए- मंत्री
उन्होंने कहा कि मेरा बेटा लगातार कहता रहा है कि उसने कोई गलती नहीं की है। लीगल एक्सपर्ट्स से सलाह लेने और उनके सामने हमारे पास मौजूद सबूत रखने के बाद, हमें सलाह दी गई कि इस मामले को लीगल प्रोसेस के जरिए सही तरीके से सुलझाया जाएगा। साथ ही मेरा मानना है कि जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए और ज्यूडिशियल सिस्टम का सम्मान करना चाहिए।
मंत्री ने बताया कि भले ही कोर्ट की कार्रवाई चल रही है और अगले हफ्ते ऑर्डर आने की उम्मीद है और हमारी लीगल टीम की सलाह के बावजूद मुझे लगा कि जांच में सहयोग करने में हमारी तरफ से कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। मुझे जस्टिस सिस्टम पर पूरा भरोसा है। न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन इनकार नहीं। तेलंगाना हाई कोर्ट ने मामले में भगीरथ को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
क्या है मामला?
8 मई को 17 साल की एक लड़की की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भागीरथ ने उनकी बेटी के साथ प्रेम-संबंध बनाए रखा था और उसका यौन शोषण किया। महिला ने यह भी कहा कि आरोपी ने नाबालिग लड़की से शादी का झूठा वादा देकर उसका विश्वास जीता और उस पर भावनात्मक दबाव डाला। पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने मामले में POCSO एक्ट की और भी सख्त धाराएं जोड़ दीं।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 17 May 2026 at 07:18 IST