'ये मंजूर नहीं, ऐसा नहीं होना चाहिए...', रूसी हमले में 4 भारतीयों की मौत पर भारत सख्त; विदेश मंत्रालय ने राजनयिक को तलब कर दिया कड़ा संदेश
ओडेसा बंदरगाह से निकले 'एमवी गोल्डन लियो' जहाज पर मिसाइल हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत पर भारत ने सख्त रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने रूसी राजनयिक को तलब कर साफ कहा कि व्यावसायिक जहाजों पर हमला और निर्दोषों की जान जाना किसी कीमत पर मंजूर नहीं है।
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India summons Russian envoy: यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए व्यावसायिक जहाज 'एमवी गोल्डन लियो' (MV Golden Leo) पर 19 जुलाई को हुए घातक मिसाइल हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इस हमले में जहाज पर सवार 4 भारतीय नाविकों की मौत हो गई। घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने रूस के राजनयिक को तलब किया है। इस दौरान स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि निर्दोष नागरिकों की जान लेना और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
रूसी CDA को विदेश मंत्रालय बुलाया
विदेश मंत्रालय ने 21 जुलाई को भारत में रूस के चार्ज डी अफेयर्स (CDA) व्लादिमीर लादानोव को तलब किया। रूसी सीडीए के मंत्रालय पहुंचने पर बैठक के दौरान भारत ने इस हमले पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और इसकी कड़ी निंदा की। इस दौरान इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने रूसी राजनयिक से आग्रह किया कि वे भारत की इस सख्त नाराजगी और चिंता से मॉस्को स्थित अपने उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराएं। इसके कारण निर्दोष नागरिकों की जान जाना मंजूर नहीं है और ऐसा नहीं होना चाहिए।
भारत ने पहले भी जताई थी कड़ी निंदा
इस हमले के तुरंत बाद भी भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर 4 भारतीय नागरिकों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया था और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नागरिक जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की थी।
कैसे हुआ हमला?
यह हादसा तब हुआ जब 19 जुलाई को व्यापारी जहाज 'एमवी गोल्डन लियो' यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट से अपना सामान लादकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान काला सागर (Black Sea) क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष के बीच जहाज पर एक भीषण मिसाइल जा गिरी। मिसाइल के टकराते ही जहाज के ऊपरी हिस्से और क्रू के केबिनों में भीषण आग लग गई और अफरा-तफरी मच गई। इसकी चपेट में आने से 4 भारतीय नाविकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के समय जहाज पर 17 क्रू मेंबर (चालक दल के सदस्य) सवार थे, जिनमें पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 21 July 2026 at 12:06 IST