'पहले TMC और अब BJP की गोद...', हुमायूं कबीर के गाय की कुर्बानी वाले बयान पर बरसे मौलाना साजिद रशीदी, कहा- इस कठपतुली को जेल में डालो

हुमायूं कबीर के गाय की कुर्बानी वाले बयान की मौलाना साजिद रशीदी ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा किए इस आदमी का कोई अस्तित्व नहीं है। सरकारी की कठपतुली है। ऐसे आदमी को जेल में होना चाहिए।

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Maulana Sajid Rashidi Lashes Out at Humayun Kabir | Image: ANI

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन(AIIA) के अध्यक्ष साजिद रशीदी ने AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर के उस बयान की कड़ी शब्दों में आलोचना की है जिसमें उन्होंने बकरीद पर गाय की कुर्बानी की बात कही थी। मौलाना ने कहा कि हुमायूं कबीर का कोई अस्तित्व नहीं है। ऐसे आदमी को जेल के अंदर होना चाहिए। मौलाना रसीदी ने TMC और बीजेपी पर भी हुमायूं को सह देना का आरोप लगाया।

बकरीद से पहले जानवरों की कुर्बानी को लेकर सियासत शुरू हो गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AUJP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने एक बयान में कहा था कि गाय, बकरी, ऊंट और दुम्बा जैसे सभी जायज पशुओं की कुर्बानी होगी और इसे कोई नहीं रोक सकता। मगर उनके इस बयान की ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन(AIIA) के अध्यक्ष साजिद रशीदी ने विरोध किया है।  

हुमायूं कबीर को जेल में होना चाहिए-साजिद रशीदी

मौलाना साजिद रशीदी ने AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर के बयान पर कहा, "हुमायूं कबीर सरकार की कठपुतली है। वो सरकार के खिलाफ बोलता है ताकि नूरा कुश्ती चलती रहे। उसने गाय की कुर्बानी को लेकर विवादित बयान दिया। हुमायूं कबीर का कोई अस्तित्व नहीं है। मैंने सुबह भी कहा कि ऐसे व्यक्ति को जेल में होना चाहिए... सरकार ने एक आदेश जारी किया कि ऐसा नहीं करना है और वो ये कह रहे हैं कि नहीं, हम ऐसा करेंगे। उनके खिलाफ तो FIR होनी चाहिए... पहले TMC ने उसे गोद में बैठा लिया और आज भाजपा ने ऐसा किया है।"

गाय की कुर्बानी पर क्या बोले हुमायूं कबीर

बता दें कि बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी के सवाल के जवाब में हुमायूं कबीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुर्बानी 1400 साल पहले से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक दुनिया रहेगी, कुर्बानी होगी। गाय की भी कुर्बानी होगी, बकरी की भी कुर्बानी होगी और ऊंट की भी होगी। कुर्बानी के लिए जो पशु जायज हैं, उनकी कुर्बानी होंगी।

सुवेंदु सरकार का बड़ा एक्शन

वहीं, बंगाल में सुवेंदु सरकार ने हाल ही में 'वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट 1950' के तहत एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। इसमें फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय और भैंस की हत्या पर सख्त प्रतिबंध को दोहराया गया। बकरीद से पहले यह नोटिस जारी करने पर बवाल मच गया है।

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 22 May 2026 at 09:05 IST