अपडेटेड 28 February 2025 at 14:49 IST
Avalanche In Badrinath: सड़क निर्माण का चल रहा था काम, अचानक टूटा ग्लेशियर और फंस गए 57 मजदूर; चमोली में कैसे हुआ हादसा?
Badrinath Avalanche: चमोली में बद्रीनाथ धाम के करीब माना गांव के पास एक ग्लेशियर टूटने से हादसा हुआ, जिससे 57 मजदूर बर्फ के बड़े-बड़े टुकड़ों के नीचे दब गए।
Chamoli Avalanche: उत्तराखंड के चमोली में बीते दो दिन से हो रही बर्फबारी और बारिश तबाही लेकर आई। चमोली में बद्रीनाथ धाम के करीब माना गांव के पास एक ग्लेशियर टूटने से हादसा हुआ, जिससे 57 मजदूर बर्फ के बड़े-बड़े टुकड़ों के नीचे दब गए। ये मजदूर सीमा सड़क संगठन (BRO) के ठेकेदार के तहत काम कर रहे थे। इनमें से करीब 16 लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन अभी भी 40 के करीब मजबूर फंसे हैं। फिलहाल आईटीबीपी, बीआरओ और अन्य बचाव टीमों रेस्क्यू में लगी हैं।
जानकारी के मुताबिक, बीआरओ के मजदूर बद्रीनाथ के माणा गांव के सीमावर्ती इलाके में सड़क बनाने का काम कर रहे थे। शुक्रवार की दोपहर बद्रीनाथ धाम के आगे माणा में अचानक से ग्लेशियर टूटा और मजदूर उसमें दब गए। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी बताते हैं, 'हिमस्खलन की सूचना मिली है। बीआरओ के करीब 57 मजदूर वहां डेरा डाले हुए थे। आईटीबीपी, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें वहां तैनात हैं। उन्होंने कहा कि हमें किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। घायलों को फिलहाल माणा गांव के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ मजदूरों को गंभीर हालत में माणा के पास सेना के कैंप में भेज दिया गया है।
बारिश और बर्फबारी बन रही रेस्क्यू में बाधा
चमोली में हिमस्खलन की घटना के बाद रेस्क्यू में बारिश और बर्फबारी बाधा बन रही है। बीआरओ के अधिशासी अभियंता सीआर मीना बताते हैं- 'बचाव अभियान जारी है और भारी बर्फबारी के कारण बचाव दल को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तीन से चार एंबुलेंस भी भेजी गई हैं, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण बचाव दल को वहां पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।'
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी के मुताबिक, वहां बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। इसलिए हम हेलीकॉप्टर सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं। आवाजाही मुश्किल है। चूंकि सैटेलाइट फोन और दूसरे उपकरण वहां उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए हम उनसे स्पष्ट संवाद नहीं कर पा रहे हैं।
अधिकारियों से जानकारी ले रहे CM धामी
चमोली में हिमस्खलन की घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, '16 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और बाकियों के लिए प्रयास चल रहे हैं। सभी प्रकार की तैयारियां कर ली गई हैं। हमारा आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। जिला प्रशासन और हम स्वयं लगातार संपर्क में हैं और हमारा प्रयास है कि सभी को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाए।'
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 28 February 2025 at 14:49 IST