'लोकसभा में राज्यवार सीटों की संख्या अगले 25 साल तक बरकरार रखें', कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने परिसीमन को लेकर PM मोदी को लिखी चिट्ठी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन पर बहस के बीच लोकसभा सीटों की संख्या पर 25 साल तक बरकरार रखने की मांग की। इसके अलावा, परिसीमन अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय देने का आग्रह किया।
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गुरुवार (27 अगस्त) को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने और राजनीतिक दलों व राज्य सरकारों को प्रस्तावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय देने का आग्रह किया।
पीएम मोदी को लिखे एक पत्र में, खड़गे ने 16 जुलाई को की गई अपनी पिछली मांग को दोहराया। यह मांग केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री की उस कथित टिप्पणी के बाद की गई थी जिसमें कहा गया था कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। वहीं, खड़गे ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन पर बहस के बीच लोकसभा सीटों की संख्या पर 25 साल तक बरकरार रखने की भी मांग की है।
खड़गे ने पिछली चिट्ठी का किया जिक्र
खड़गे अपनी चिट्ठी में पीएम मोदी को कहा कहा, "मैंने पिछली बार आपको 16 जुलाई, 2026 को पत्र लिखकर परिसीमन के लिए सरकार के प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया था।"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने आपसे यह भी अनुरोध किया था कि संसद के किसी भी विशेष सत्र में ऐसे प्रस्ताव पेश करने से पहले, सभी राजनीतिक दलों को उनका विस्तार से अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए'
लोकसभा की मौजूदा सीट बरकरार रखा जाए
खड़गे ने अपनी चिट्ठी में पीएम से कहा 'इंडियन नेशनल कांग्रेस का रुख बिल्कुल साफ है। लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखा जाए।' लोकसभा में राज्यों के हिसाब से सीटों की मौजूदा संख्या को अगले 25 वर्षों तक बनाए रखा जाए।" साथ ही, उन्होंने मांग की कि 2029 के लोकसभा चुनावों से "महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण" लागू किया जाए।
परिसीमन प्रस्तावों का अध्ययन के लिए पर्याप्त समय की मांगा
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के हालिया बयान का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा 'केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री के संकेत के अनुसार आगे बढ़ने से पहले, मैं आपसे अपना पुराना अनुरोध दोहराना चाहता हूं कि परिसीमन (delimitation) के बारे में आपके मन में जो भी प्रस्ताव हैं, उन पर चर्चा करने के लिए सभी दलों की बैठक बुलाई जाए। उन्होंने आगे कहा, “सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों को ऐसे प्रस्तावों का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय दें।”
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 27 August 2026 at 17:43 IST