महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने की जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात, चतुष्पथ यात्रा के लिए मांगा समर्थन

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्यों को लेकर महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की।

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महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने की जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात | Image: Instagram

आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्यों को लेकर महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की। इस बैठक में उनकी आगामी चतुष्पथ यात्रा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें यात्रा के महत्व और उद्देश्यों को रेखांकित किया गया। यह यात्रा न केवल सनातन धर्म के मूल्यों का प्रचार-प्रसार करेगी, बल्कि पूरे देश में शांति, सहअस्तित्व और सार्वजनिक कल्याण का संदेश भी फैलाएगी। उपराज्यपाल ने इस अभियान के महत्व को स्वीकारते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे इस यात्रा के सुचारू संचालन में प्रशासनिक स्तर पर सहायता सुनिश्चित हो सके।

चतुष्पथ यात्रा को अखिल भारतीय स्तर पर आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाने के एक बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। यह यात्रा कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी, जिसमें हजारों किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। यात्रा का पहला चरण असम के प्रसिद्ध कामाख्या पीठ से राजस्थान के जोधपुर तक संपन्न होगा, जबकि दूसरा चरण तमिलनाडु के रामेश्वरम से कश्मीर के आदि शंकराचार्य मंदिर तक पहुंचेगा। इस पूरी यात्रा के दौरान आध्यात्मिक संदेशों का प्रसार किया जाएगा और सनातन परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।

कामाख्या पीठ की उपासिका महामंडलेश्वर संजनानंद गिरी ने इस यात्रा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन न होकर एक सामाजिक और आध्यात्मिक आंदोलन है, जो लोगों को आत्मबोध, एकता और सनातन संस्कृति की ओर प्रेरित करेगा। यात्रा का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है, जिसके तहत विभिन्न पड़ावों पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जल संरक्षण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस प्रयास से समाज में पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास को लेकर जागरूकता उत्पन्न होगी।

यात्रा के मीडिया प्रभारी दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि इस अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों से अपार समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चतुष्पथ यात्रा ‘एक भारत, दिव्य भारत, अखंड भारत’ के विचार को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिकता को सुदृढ़ बनाएगी। इस यात्रा के माध्यम से समाज को एकता, शांति और सौहार्द का संदेश मिलेगा, जिससे भारत की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सकेगी।

चतुष्पथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। यह अभियान राष्ट्र की आध्यात्मिक धरोहर को पुनर्जीवित करने, जनमानस को आत्मचिंतन और संतुलित जीवनशैली की ओर प्रेरित करने तथा प्रकृति और संस्कृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में सार्थक योगदान देगा। इस यात्रा के माध्यम से आध्यात्मिकता, सेवा और सहअस्तित्व की भावना को व्यापक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे भारतीय समाज और अधिक सशक्त और समरस हो सके। 

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 19 February 2025 at 09:26 IST