टूट जाएगी वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी! 72 घंटे की जांच के बाद 16 साल निकली असली उम्र, जेल जाएगा फरमान खान?
Monalisa- Farman Marriage: महाकुंभ में वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। 72 घंटों की जांच के बाद इस बात का खुलासा हो गया है कि वह नाबालिग है। अब उसके पति फरमान खान पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है
Monalisa- Farman Marriage: वायरल गर्ल मोनालिसा भोंसले को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। इसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में सामने आया है कि मोनालिसा नाबालिग है, जबकि उसकी शादी बालिग बताकर कराई गई थी। इस खुलासे के बाद आरोपी फरमान खान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। अब सवाल ये है कि क्या मोनालिसा का पति फरमान जेल जाएगा।
जांच में सामने आया सच
आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में की गई जांच में यह साफ हो गया है कि मोनालिसा पारधी जनजाति समुदाय से जुड़ी एक नाबालिग लड़की है। अधिवक्ता प्रथम दुबे द्वारा उठाए गए इस मामले की गहन जांच के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे पूरी साजिश का खुलासा हो गया है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे हुई शादी
जांच के दौरान यह पाया गया कि मोनालिसा की शादी के लिए गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया गया। केरल में मंदिर और पंचायत स्तर पर हुए विवाह पंजीकरण में आधार कार्ड में दर्ज गलत उम्र को आधार बनाया गया था। जबकि महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में उसकी वास्तविक जन्म तिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज मिली, जिससे साबित हुआ कि शादी के समय वह महज 16 साल की थी।
72 घंटे में जांच टीम ने जोड़ लिए सारे तार
जांच टीम ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश के महेश्वर तक दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल किया है। महज 72 घंटे में पूरे मामले का खुलासा कर दिया गया है। इस दौरान नगर परिषद द्वारा जारी फर्जी जन्म प्रमाण पत्र को भी चिन्हित किया गया है। उसे निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
फरमान खान पर होगी सख्त कार्रवाई
मामले के सामने आते ही मध्य प्रदेश पुलिस ने फरमान खान के खिलाफ POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और एससी-एसटी एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी पर कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इस पूरे मामले में कुछ राजनीतिक दलों और संगठनों की कथित संलिप्तता को लेकर भी सवाल उठे हैं। शिकायत में इसे एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया गया है, जिसकी जांच अब आगे की जा रही है।
आयोग करेगी आगे की कार्रवाई
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को तलब किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जाएगी।
Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 10 April 2026 at 10:43 IST