ट्विशा शर्मा केस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आज होगी सुनवाई, सास पूर्व जज गिरिबाला की जमानत समेत इन 3 याचिकाओं पर आएगा फैसला
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस दौरान सास गिरिबाला सिंह की जमानत को लेकर फैसला आएगा। जानें और किन-किन याचिकाओं पर कोर्ट फैसला सुनाएगा? पढ़ें पूरी खबर।
Twisha Death Case MP High Court Hearing: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला आगे बढ़े इसलिए आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। मामले में ट्विशा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। एक तरफ ट्विशा के घरवाले की मांग है कि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच पर फोकस बढ़ाया जाए, तो दूसरी ओर ससुराल पक्ष सभी वीडियो सुरक्षित रखने की मांग कर रहा है और जमानत को लेकर भी सास और पति जोर लगाते दिख रहे हैं। लेकिन ट्विशा का परिवार चाहता है दोनों आरोपियों से पूछताछ हो। कुल मिलाकर 3 केस को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को संदिग्ध हालात में मौत हो जाती है, जिससे परिवार को शक होता और वो ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक दबाव के कारण हुई मौत का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाते हैं। दूसरी ओर ससुराल पक्ष भी अपने बचाव में हर संभव कोशिश कर पूछताछ से बचने की कोशिश कर रहा है।
हाईकोर्ट में आज अहम की सुनवाई
आज हाईकोर्ट में मुख्य रूप से तीन मामलों पर सुनवाई होने वाली है।
पहला केस: आरोपी जज सास गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ अपील की हुई है, सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश होंगे।
दूसरा केस: ट्विशा के परिवार की तरफ से समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत के खिलाफ याचिका दाखिल है। इसपर पर फैसला आएगा, क्योंकि समर्थ सिंह ने फिलहाल लोअर कोर्ट से खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में फिर से अग्रिम जमानत मांगी है।
तीसरा केस: जस्टिस भट्टी की कोर्ट में ट्विशा के दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए अर्जी को लेकर भी सुनवाई होगी। दोपहर 2:30 बजे तक मामले की सुनवाई होने की संभावना जताई जा रही है।
परिवार चाहता है इलेक्ट्रॉनिक सबूत की जांच हो
ट्विशा के परिवार ने भोपाल कोर्ट में आवेदन देकर 12 मई से 20 मई 2026 के बीच समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के मोबाइल CDR निकालने और एम्स भोपाल की CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की अपील की है। परिवार का कहना है कि अस्पताल और पुलिस प्रक्रिया के दौरान हुए घटनाक्रमों की सच्चाई इन डिजिटल रिकॉर्ड्स से सामने आ सकती है। गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस जांच में सहयोग नहीं किया। पुलिस ने उन्हें तीन बार नोटिस दिया, लेकिन वे बयान देने के लिए पेश नहीं हुईं।
क्या दावा कर रहा ससुराल पक्ष?
गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल व्हाट्सएप चैट और ऑडियो क्लिप्स मनगढ़ंत हैं। उन्होंने ट्विशा के परिवार के मोबाइल फोन जब्त करने की मांग की है ताकि इनकी सत्यता जांच की जा सके। ये मामला अब सिर्फ दहेज प्रताड़ना तक सीमित नहीं रह गया है। जांच प्रशासनिक जवाबदेही और इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस की तरफ बढ़ रही है। हाईकोर्ट का फैसला इस हाई प्रोफाइल मामले की दिशा तय करेगा।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 22 May 2026 at 12:44 IST