उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ जैसे हालत, दर्शन के लिए लगी लाइन में करंट की अफवाह पर मची अफरा-तफरी; कई श्रद्धालु घायल
उज्जैन के श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में सोमवार को हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप करंट की अफवाह से भगदड़ से हालात हो गए। हादसे में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है।
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महाकाल मंदिर के ऊपरी तल पर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में सोमवार को हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप अफरा-तफरी मच गई। बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के समीप करंट फैलने की अफवाह के बाद दर्शन के लिए कतार में खड़े लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कुछ श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया।
भगदड़ के दौरान बेरिकैड्स से टकराने के कारण श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोट आई है। सभी घायलों का चरक अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभाला। फिलहाल दर्शन व्यवस्था सुचारू है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगदड़ जैसे हालात
उज्जैन SP प्रदीप शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उज्जैन के महाकालेश्वर नागचंद्रेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ जैसी स्थिति के बाद लोगों के घायल होने की खबर है।दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालात फिलहाल काबू में है।
घायल श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती
घायलों में हिंदू बाई निवासी ढांचा भवन उज्जैन, सागर पुत्र मनीष उम्र 19 वर्ष निवासी किशनपुरा उज्जैन, लक्ष्मीबाई निवासी ढांचा भवन उज्जैन, अनसूया व उसकी मां ममता दोनों निवासी गंजबासौदा, हरिश्चंद्र निवासी ग्राम सिलवासा, वापी गुजरात, सोनम उम्र 18 वर्ष निवासी ग्वालियर, सुजीत कुमार निवासी दरभंगा बिहार, खुशी निवासी ग्वालियर तथा तुलसी व उसकी मां रेखा बाई दोनों निवासी वलसाड गुजरात शामिल हैं।
हादसे में घायल शख्स ने सुनाई आपबीती
हादसे में घायल व्यक्ति सागर ने बताया, "मैं महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में लगा था। 7-8 घंटे बाद मैं हरसिद्धि चौराहे पर पहुंचा। हम वहां 2 घंटे तक खड़े रहे। भीड़ बढ़ती जा रही थी और आरती का समय होने के कारण हमें वहीं रोक दिया गया। अचानक बैरिकेड्स खोल दिए गए और भगदड़ मच गई। टेंट गिर गया और सारे बैरिकेड्स भी गिर गए। मेरे दोनों पैर बैरिकेड के नीचे दब गए। मेरे एक पैर में फ्रैक्चर हो गया है। मंदिर में इंतजाम बहुत खराब थे। किसी ने मेरी मदद नहीं की। सिर्फ एक आदमी ने आकर मेरी मदद की, वह मुझे एक हेल्थ कैंप तक ले गया, जहां से मुझे एम्बुलेंस में ले जाया गया।"
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 17 August 2026 at 12:22 IST