MP: दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद BJP का ताबड़तोड़ एक्शन, पूरा जिला इकाई तत्काल प्रभाव से भंग
Datia Bypoll 2026: मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी ने बड़ा फैसला लिया है। पूरी जिला संगठनात्मक इकाई तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह को भी पद से हटा दिया गया है।
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Datia Bypoll 2026: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ा एक्शन लिया है। बीजेपी के मध्य प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दतिया भाजपा की पूरी जिला संगठनात्मक इकाई तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है।
इसके साथ ही जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह को भी पद से हटा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार अब दतिया में भाजपा का पूरा जिला संगठन नए सिरे से तैयार किया जाएगा। भंग की गई इस व्यवस्था में जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति, सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभाग को पद मुक्त कर दिया गया है।
प्रदेश कार्यालय की तरफ से आदेश में क्या कहा गया?
पूरी जिला संगठनात्मक इकाई तत्काल प्रभाव से भंग करने को लेकर प्रदेश कार्यालय की तरफ से आदेश जारी किया गया। आदेश में कहा कि 'बीजेपी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणामों की समीक्षा हेतु गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर भारतीय जनता पार्टी, जिला दतिया की वर्तमान संगठनात्मक संरचना तत्काल प्रभाव से भंग की जाती है।'
आदेश में आगे कहा कि 'इसके फलस्वरूप जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी और जिला कार्यसमिति, सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभागों सहित समस्त जिला संगठन की वर्तमान संगठनात्मक इकाईयां तत्काल प्रभाव से पदमुक्त की जाती है।'
कांग्रेस ने बरकरार रखी दतिया सीट
गौरतलब है कि दतिया सीट पर 30 अगस्त को हुए उपचुनाव का रिजल्ट सोमवार, 3 अगस्त को आया था। उपचुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी में था, जहां कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 15 राउंड की मतगणना के बाद 6,016 वोटों से हराया। घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी को सभी 15 राउंड की मतगणना के बाद 60,741 वोट मिले।
किन वजहों से दतिया में बीजेपी के पीछे रही?
बताया जाता है कि दतिया लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है, लेकिन इस बार पार्टी ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था, जिसके चलते पार्टी के भीतर असंतोष और बगावत भी देखने को मिली थी। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की मजबूत स्थानीय पकड़ और जनसंपर्क का फायदा मिला, जिसके चलते जीत मिली।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 4 August 2026 at 23:10 IST