Twisha Sharma Death Mystery: 'उसने अबॉर्शन अपनी मर्जी से कराया था, हमारा जज होना गुनाह है क्या...', ट्वीशा शर्मा की सास ने लगाई गुहार
रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने कहा कि बेटा समर्थ और बहू ट्विशा एक-दूसरे को पसंद करते थे। दोनों परिवारों के परिवेश में अंतर था। ट्विशा 5 महीने में 5 बार दिल्ली गईं और उनके अपनी मर्जी से अबॉर्शन कराया, साइकियाट्रिक ट्रीटमेंट चल रहा था। गिरिबाला ने ट्विशा को बेटी बताया और मीडिया पर पक्षपात का आरोप लगाया।
Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उनकी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी। उन्होंने गहरी पीड़ा और भावुकता के साथ कहा कि उनका बेटा और बहू एक-दूसरे को पसंद करते थे, लेकिन दोनों परिवारों के परिवेश में काफी अंतर था।
गिरिबाला सिंह ने बताया, “हम खुश थे कि संस्कारवान लड़की घर आई है। लेकिन वो बिना ब्याहे पहले घर आई थी, तो हमें थोड़ा अटपटा लगा। शादी के बाद हमें लगा कि वो ऐसी नहीं थी, वो एक्टिंग कर रही थी। हमें महसूस हुआ कि वो वैसी नहीं थी जैसी दिख रही थी।”
उन्होंने उम्मीद जताई थी कि समय के साथ बेटी में परिवर्तन आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। गिरिबाला सिंह के अनुसार, शादी के मात्र 5 महीनों में ट्विशा 5 बार दिल्ली गईं। उन्होंने कहा- “जब वो आती थी तो बदली हुई रहती थी। उसे कम उम्र में ग्लैमर वर्ल्ड में पुश किया गया। उसका जाना हमारे लिए बुरे सपने जैसा है।”
मानसिक स्वास्थ्य और गर्भपात का जिक्र
ट्विशा शर्मा का सास रिटायर्ड जज ने बताया कि ट्विशा अपनी मर्जी से गर्भपात करा चुकी थीं और उनका साइकियाट्रिक ट्रीटमेंट चल रहा था। उन्होंने बताया कि ट्विशा का काउंसिलिंग का सेशन भी चल रहा था,” गिरिबाला सिंह ने बहू को अपनी बेटी के बराबर बताया और कहा, “एक बहू और एक बेटी दोनों बराबर होती हैं। उसका जाना हमारा लॉस है।”
मीडिया और परिवार पर आरोप
गिरिबाला सिंह भावुक होकर रो पड़ीं और कहा कि मीडिया उनके परिवार के खिलाफ है। उन्होंने पूछा, “अगर लड़की झूल जाती है और लड़के नहीं झूल पाते हैं तो क्या वो आरोपी हो जाते हैं?” उन्होंने ट्विशा के पिता की पर्सनैलिटी पर भी सवाल उठाए और कहा कि वो बहुत अजीब हैं। गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि उन्होंने ट्विशा की मां को बुलाया था ताकि शरीर को शांति से अंतिम विदाई दी जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य आदमी को जमानत मिल जाती है, लेकिन जज होना क्या गुनाह है? गिरिबाला सिंह ने बताया कि ट्विशा की मां से उनकी लगातार बातचीत हो रही थी।
परिवार की पीड़ा
गिरिबाला सिंह पूरे बयान के दौरान कई बार भावुक हो गईं। उन्होंने पूरे मामले को परिवार की निजी त्रासदी बताते हुए कहा कि वे न्याय की उम्मीद रखते हैं और मीडिया ट्रायल से बचना चाहिए।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 18 May 2026 at 21:34 IST