BREAKING: ट्विशा शर्मा मामले में बड़ा अपडेट, सास गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के बाद HC ने सुरक्षित रखा फैसला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने पर सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। राज्य सरकार और ट्विशा के पिता की याचिका पर सुनवाई हुई।

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गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द करने की याचिका पर फैसला सुरक्षित | Image: Republic

ट्विशा शर्मा संदिग्ध मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आज रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में काफी चर्चा और सार्वजनिक आक्रोश के बीच राज्य सरकार और ट्विशा शर्मा के पिता दोनों की तरफ से याचिकाएं दायर की गई थीं।

मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपनी ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर चोटों के निशान मिले थे। ट्विशा के परिवार ने दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना का ससुराल वालों पर आरोप लगाया है।

इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी मां, रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज गिरीबाला सिंह मुख्य आरोपी हैं। गिरीबाला सिंह को 15 मई को भोपाल सेशंस कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी, जिसके खिलाफ राज्य सरकार और ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

हाईकोर्ट में क्या हुआ?

ट्विशा के वकील ने बताया कि कोर्ट में 3 घंटे लंबी सुनवाई चली है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) में सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दलीलें रखीं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गिरीबाला सिंह ने जांच में सहयोग नहीं किया। व्हाट्सएप चैट्स में ट्विशा ने अपनी सास और पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। निचली अदालत ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज करते हुए जमानत दी थी।

कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। फैसला के आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत बरकरार रहेगी या रद्द हो जाएगी।

CBI की भूमिका

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। CBI टीम मौके पर पहुंच चुकी है और सबूतों की जांच, कॉल रिकॉर्ड्स, CCTV फुटेज आदि की जांच कर रही है।

यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें एक रिटायर्ड जज और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगे हैं। जनता इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज जांच की मांग कर रही है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 27 May 2026 at 17:55 IST