Datia By-election: BJP में आपसी कलह के बीच कांग्रेस ने किया प्रत्याशी का ऐलान, पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए घनश्याम सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसकी स्वीकृति दी है। वहीं बीजेपी ने वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट नहीं दिया, जिससे उनके समर्थकों में आक्रोश फैला हुआ है।

 
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कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को बनाया उम्मीदवार | Image: Facebook

मध्य प्रदेश की दतिया (22) विधानसभा सीट इन दिन खूब चर्चा में हैं। 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने वरिष्ठ नेता, पूर्व गृहमंत्री और दतिया से तीन बार विधायक रह चुके डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट देने से इनकार कर दिया है। पार्टी ने आशुतोष तिवारी को दतिया उपचुनाव का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।

इस फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में भारी आक्रोश है। समर्थकों ने दतिया में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया और पुलिस से झड़पें हुईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को बीएनएसएस की धारा 163 लागू करनी पड़ी।

इधर BJP में चल रही रस्साकशी के बीच कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। कांग्रेस ने 11 जुलाई को आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी करते हुए पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को दतिया से कांग्रेस प्रत्याशी बनाया है।

July 11, 2026

2023 में कांग्रेस की जीत

दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य ठहराए जाने के बाद खाली हुई है। बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा को टिकट न देकर आशुतोष तिवारी को मौका दिया है, जबकि कांग्रेस ने अनुभवी नेता घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है। दोनों प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब दतिया में चुनावी मुहिम तेज हो गई है। मतदान 30 जुलाई को होगा।

घनश्याम सिंह का राजनीतिक अनुभव

घनश्याम सिंह कांग्रेस के टिकट पर दतिया से 1993 में पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने BJP के प्रत्याशी शंभु तिवारी को हराया था। इसके बाद 1998 में हुए अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी चंदन सिंह की हार हुई। घनश्याम सिंह पर कांग्रेस ने 2003 में फिर भरोया जताया और वो विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन 2008 के चुनाव में BJP प्रत्याशी डॉ. नरोत्तम मिश्रा से चुनाव हार गए। 

कांग्रेस टिकट पर घनश्याम सिंह ने 2013 में सेवढ़ा विधानसभा से भी चुनाल लड़ा, लेकिन बीजेपी प्रत्याशी प्रदीप अग्रवाल से हार गए थे। इसके बाद 2018 में उन्होंने बीजेपी के राधेलाल बघेल को हराकर जीत दर्ज की और विधायक बने। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में सेवढ़ा से BJP प्रत्याशी प्रदीप अग्रवाल ने उन्हें हरा दिया था। अब पार्टी ने एक बार फिर उन्हें मैदान में उतारा है।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 11 July 2026 at 22:22 IST