LPU कैंपस हिंसा मामले में पंजाब पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 9 लोगों को किया गिरफ्तार; 20 आरोपियों की पहचान कर नामजद किया
पंजाब पुलिस ने फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में 27 सितंबर को हुई हिंसक झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में सात छात्रों और नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि जांचकर्ता हिंसा में शामिल 20 अन्य लोगों की पहचान कर चुके हैं।
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पंजाब पुलिस ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में 27 सितंबर को हुई हिंसक झड़प, तोड़फोड़ और आगजनी के सिलसिले में विश्वविद्यालय के सात छात्रों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस उप महानिरीक्षक नवीन सिंगला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा और विशेष जांच दल के प्रभारी विनीत अहलावत के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए जांच और अब तक की गई गिरफ्तारियों का विवरण प्रदान किया।
विवाद का कारण और छात्रों का विरोध
यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट के बाद बढ़ा। पोस्ट में दावा किया गया था कि एक बाहरी व्यक्ति ने गर्ल्स हॉस्टल परिसर में एक छात्रा का यौन उत्पीड़न किया है। इस खबर के फैलते ही छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। बड़ी संख्या में छात्र परिसर में जमा हो गए और विश्वविद्यालय प्रशासन से सुरक्षा सुधार, जवाबदेही और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
हिंसा और पुलिस की कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए डीआईजी नवीन सिंगला, एसएसपी गौरव तूरा और एसआईटी प्रभारी विनीत अहलावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। डीआईजी सिंगला ने पुलिस लाठीचार्ज के दावों का खंडन करते हुए कहा कि शुरुआत में पुलिस माहौल को शांत करने और छात्रों को भरोसा दिलाने का प्रयास कर रही थी।
हालांकि, कुछ ही देर में भीड़ के एक वर्ग ने उग्र रूप ले लिया। उपद्रवियों ने पुलिस और मीडियाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हालात बिगड़ते देख हिंसा को रोकने और व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। यह झड़प परिसर से निकलकर नई दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग तक फैल गई थी।
प्रशासनिक कदम और गिरफ्तारियां
स्थिति को नियंत्रित करने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने परिसर में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। वहीं, एलपीयू प्रशासन ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं निलंबित कर दीं और परीक्षाओं को स्थगित कर दिया। पुलिस ने फगवाड़ा, जम्मू और मुंबई से संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उपद्रव में शामिल 20 अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
यौन उत्पीड़न के आरोपों की गहन जांच
यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल एसआईटी का गठन किया गया है। डीआईजी ने आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। इसके साथ ही, पुलिस वायरल डिजिटल पोस्ट के स्रोत और इस व्यवधान के पीछे किसी राजनीतिक या सीमा पार साजिश की संभावना की भी जांच कर रही है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 2 October 2026 at 18:50 IST