अपडेटेड 4 February 2026 at 13:17 IST

'नारेबाजी और बैनर से विरोध नहीं होता, आप मर्यादा तोड़ रहे...', लोकसभा में विपक्ष के हंगामे पर भड़के स्पीकर ओम बिरला, लगा दी फटकार

पीयूष गोयल सरकार का पक्ष रख रहे थे तभी, विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इस दौरान कुछ कांग्रेसी सांसद वेल के नजदीक पहुंच गए और पोस्‍टर लहराने लगे।

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लोकसभा | Image: YT/Grab

संसद के बजट सत्र में बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही लगातार छठे दिन हंगामेदार रही। भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर केंद्रीय वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल सरकार का पक्ष रखे थे, तभी विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर अध्यक्ष ने कई बार आपत्ति जताई और कहा कि वो मर्यादा तोड़ रहे हैं।

दरअसल, पीयूष गोयल सरकार का पक्ष रख रहे थे, लेकिन विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी की। इस दौरान कुछ कांग्रेसी सांसद वेल के नजदीक पहुंच गए और पोस्‍टर लहराने लगे। स्‍पीकर ओम बिरला ने इस पर नाराजगी जताई और कहा कि विरोध कीजिए, लेकिन सदन की मर्यादा का उल्‍लंघन न करें। इससे पहले भी विरोध हुआ है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।  

विपक्षी सांसदों पर भड़के स्पीकर

बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जब सदस्य नहीं माने तो स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि 'ये सदन देश के लोकतंत्र का उच्च सदन है। आप सभी दलों ने समय-समय पर इस देश के अंदर और अलग-अलग कालखंड के अंदर सरकार में भी रहे, लेकिन मेरा कहना है कि इतनी लंबी  सरकार में रहने के बाद भी हम इस उच्च सदन की मर्यादाओं और परंपराओं को तोड़ रहे हैं। विरोध का तरीका होता है। विरोध के कई और तरीके भी हो सकते हैं, लेकिन आपका (विपक्ष) अपनी जगह छोड़कर उस जगह जाना मर्यादाओं को तोड़ना है। अगर ऐसा करने से देश के अंदर लोकतंत्र के प्रति लोगों का भरोसा कम होगा।'

कड़े शब्दों में बोले- मर्यादा तोड़ना उचित नहीं 

उन्होंने कड़े शब्दों में आगे कहा, 'आप सभी चुनकर आते हैं, सदन के अंदर और सदन के बाहर विरोध का तरीका होता है बोलने की अनुमति देना या नहीं देना एक प्रक्रिया से होती है। लेकिन मर्यादा तोड़ना उचित नहीं है। इतने साल शासन करने के बाद आपने यही परंपरा लागू की है? सत्ता पक्ष की तरफ बैनर लेकर आना उचित नहीं है। पहले भी विरोध हुआ है, लेकिन मर्यादा किसी ने नहीं तोड़ी। आप शासन में रहे, ये (सत्ता पक्ष) विपक्ष में रहे तब भी विरोध हुआ है। मगर मर्यादाएं कभी नहीं तोड़ी गईं। आप लोग मर्यादा तोड़ रहे हैं, जो उचित नहीं है। आप शासन को मजबूर नहीं कर सकते हैं।'

'नारेबाजी और बैनर से विरोध नहीं होता'

स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से मर्यादा बनाए रखने का कई बार आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विरोध आवाज से नहीं, शब्दों से होता है। विरोध तर्कों से होता है। नारेबाजी और बैनर से विरोध नहीं होता। असहमति मुद्दों पर होती है, वैचारिक मतभेद हैं, जिसे बोलना चाहिए। सदन वैचारिक मतभेदों पर बोलने के लिए है। हालांकि ये तरीका ठीक नहीं है। सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी को सदन की गरिमा को बनाए रखनी चाहिए।'

विपक्ष के सदस्यों का हंगामा नहीं थमने पर स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। 

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 4 February 2026 at 12:44 IST