Raghav Chadha के AAP छोड़ने के बाद वायरल होने लगा कुमार विश्वास का पोस्ट, इशारों-इशारों में साधा केजरीवाल पर निशाना?
Kumar Vishwas on Raghav Chadha: राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद कुमार विश्वास ने महाभारत का संदर्भ में एक पोस्ट शेयर किया। माना जा रहा है कि इशारों-इशारों में उन्होंने केजरीवाल पर निशाना साधा है।
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Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी (AAP) में अब तक की सबसे बड़ी टूट हुई है। राघव चड्ढा के साथ छह और राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़ते ही BJP का दामन थाम लिया है। AAP में मची सियासी हलचल पर पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास ने महाभारत के संदर्भ में कुछ पंक्तियों के जरिए इशारों-इशारों में निशाना साधा है।
शुक्रवार (24 अप्रैल) को AAP के दिग्गज नेता राघव चड्ढा ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है। राघव खुद तो गए अपने साथ दो तिहाई सांसदों को भी ले गए। उनके अलावा अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने भी AAP छोड़ दी है।
कुमार विश्वास ने शेयर की पुरानी कविता
राघव चड्ढा और 6 सांसदों के AAP छोड़ने के बीच पार्टी के संस्थापक सदस्य और पूर्व नेता कुमार विश्वास का एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पुरानी कविता को री-पोस्ट किया।
कुमार विश्वास ने जिन पंक्तियों को री-शेयर किया, वो इस प्रकार है, "विदुर का भीष्म का पद अश्रु-प्रक्षालन नहीं भूला, कठिन-व्रत द्रोण-इंगित तपस्पथ-चालन नहीं भूला, कुटिल लाक्षागृहों के फेर में तूणीर टांगा हैं, मगर शर का प्रखर हत लक्ष्य संचालन नहीं भूला।”
ये पंक्तियां कुमार विश्वास की प्रसिद्ध वीर रस वाली कविता का हिस्सा हैं, जो मंचों पर अक्सर सुनाई जाती है। इस कविता में महाभारत के प्रसंग के माध्यम से भीष्म पितामह, गुरु द्रोणाचार्य और विदुर और उनके आंतरिक संघर्ष को गहराई से चित्रित किया गया है। अन्याय और विनाश के सामने लाचार होकर भी विदुर ने भीष्म पितामह के चरणों को आंसुओं से धोकर (दुख जताकर) कर्तव्य नहीं छोड़ा था। यह अपनों द्वारा अपनों के विनाश और धर्म के क्षरण पर गहरे दुख का प्रतीक है।
माना जा रहा है कि इस पोस्ट को रीशेयर करते हुए कुमार विश्वास ने इशारों-इशारों में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी में मची उथल-पुथल पर निशाना साधा है।
AAP का रह चुके हैं बड़ा चेहरा
बता दें कि कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के गठन से ही पार्टी का बड़ा चेहरा थे। वह अपने बेबाक अंदाज के लिए छाए रहते थे और पार्टी का पक्ष रखते थे। पांच साल बाद ही वह पार्टी की कुछ नीतियों के खिलाफ हो गए। इन्हीं कारणों के चलते उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीति से दूरी बना ली।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 25 April 2026 at 13:01 IST