कुकी-जो विधायकों ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के बाद मणिपुर में शांति की उम्मीद जताई
मणिपुर के कुकी-जो समुदाय से संबंध रखने वाले विधायकों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार राज्य में शांति और न्याय स्थापित करने के लिए एक ‘‘समग्र राजनीतिक खाका’’ तैयार करेगी।
मणिपुर के कुकी-जो समुदाय से संबंध रखने वाले विधायकों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार राज्य में शांति और न्याय स्थापित करने के लिए एक ‘‘समग्र राजनीतिक खाका’’ तैयार करेगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सात विधायकों, ‘कुकी पीपुल्स अलायंस’ के दो विधायकों और एक निर्दलीय विधायक ने संयुक्त बयान में कहा कि वे जातीय संघर्ष से प्रभावित और आंतरिक रूप से विस्थापित हुए लोगों की पीड़ा को समाप्त करने के लिए भी कदम उठाए जाने की अपेक्षा करते हैं।
बयान में कहा गया, ‘‘हम... केंद्र के विधानसभा को निलंबित रखने के फैसले को स्वीकार करते हुए आशा करते हैं कि भारत सरकार एक व्यापक राजनीतिक खाका तैयार करेगी जिससे एक सौहार्दपूर्ण समझौते के तहत शांति और न्याय स्थापित हो सके।' मणिपुर में बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति शासन लगाया गया और राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के कुछ दिनों के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया।
मणिपुर में शांति की उम्मीद
विधायकों ने कहा, ‘‘हम निश्चित समय सीमा में ऐसे कदम उठाए जाने की भी अपेक्षा करते हैं जिनसे संघर्ष प्रभावित और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की पीड़ा समाप्त हो सके।’’ इंफाल घाटी में बहुसंख्यक मेइती समुदाय और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी-जो जनजातीय समूहों के बीच मई 2023 से जारी जातीय हिंसा में अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 16 February 2025 at 13:03 IST