'10 रुपये का हगीज लीक नहीं होता और NTA का पेपर लीक हो जाता है, PM मोदी को...', NEET परीक्षा रद्द होने पर खान सर ने एजेंसी को लताड़ा- VIDEO
NEET परीक्षा रद्द होने पर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर ने एजेंसी को जमकर लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा रद्द होना लाखों छात्रों के आत्मविश्वास के साथ खिलवाड़ है, उनका कॉन्फिडेंस तोड़ा जा रहा है।
NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। छात्र सड़कों पर उतरकर NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया है। छात्रों ने न्याय और पारदर्शिता की मांग उठाते हुए पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े किए है। वहीं, पूरे मामले पर सभी दलों के नेताओं के साथ-साथ शिक्षकों की भी लगातार प्रतिक्रिया आई है। NEET परीक्षा रद्द होने पर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर ने एजेंसी को जमकर लताड़ लगाई है।
खान सर ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर कहा, "NEET पेपर रद्द होना लाखों छात्रों के आत्मविश्वास के साथ खिलवाड़ है, उनका कॉन्फिडेंस तोड़ा जा रहा है। सबसे दुर्भाग्यवश बात यह है कि 2 साल पहले 2024 में भी ऐसी ही घटनाएं हुई थी। CBI जांच हुई, जिसका कोई नतीजा नहीं निकला। जिससे उनका मनोबल बढ़ गया और उन्होंने ऐसा फिर से किया। लाखों बच्चों का भविष्य इससे खराब होता है।"
बच्चों का डाइपर तक लीक नहीं होता है, मगर पेपर लीक हो जाता है-खान सर
सिस्टम और NTA पर सवाल उठाते हुए खान सर ने कहा, "सबसे हास्यास्पद बात यह है कि इसकी जानकारी किसी एजेंसी ने नहीं दी बल्कि इसकी जानकारी सबसे पहले बच्चों ने सरकार के पास पहुंचाई। सरकार की एजेंसी को यह सबसे पहले पता चलना चाहिए। NTA का नाम 'नेवर ट्रस्टेबल एजेंसी' होना चाहिए। दस रुपये में बच्चों का जो डाइपर आता है वो लीक नहीं होता, इनका पेपर लीक हो जाता है।"
खान सर ने CBI की जांच पर उठाए सवाल
खान सर ने आगे कहा, 'इतनी घटिया व्यवस्था है और इसकी जांच CBI को दी गई है। जब तक उन बच्चों की MBBS की पढ़ाई पूरी होगी तब तक CBI किसी नतीजे पर आएगा। सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड जज को इसका ऑबजर्वर बनाना चाहिए और एक निश्चित समय सीमा के अंदर जो जिम्मेदार है उसे कड़ी सजा होनी चाहिए। अगर सजा नहीं होगी आज राजस्थान, केरल का नाम आ रहा है। कल किसी और राज्य का नाम सामने आएगा।'
PM मोदी से खान से की बड़ी अपील
पीएम मोदी से अपील करते हुए खान सर ने कहा, 'प्रधानमंत्री को इसमें व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहिए और उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को भी इसमें आगे आना चाहिए। इतिहास उठाकर देखिए जब भी पेपर लीक होता है, अगला जो पेपर होता है, एजेंसी दुश्मनी करके बनाती है। 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ उसके बाद बच्चों का जान निकाल दिया गया इतना टफ पेपर बनाया गया। ऐसे में सरकार को आगे आना चाहिए और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने से रोकना चाहिए।'
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 12 May 2026 at 21:06 IST