Kedarnath Yatra: श्रद्धालुओं की बढ़ी मुश्किलें, भारी बारिश के बीच गौरीकुंड के पास भीषण लैंडस्लाइड; रोकी गई केदारनाथ यात्रा

Kedarnath Yatra: भारी बारिश के चलते गौरीकुण्ड गेट से करीब 200 मी. आगे भूस्खलन और मलबा गिरने की वजह से यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मार्ग खोले जाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

 
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Kedarnath Yatra Gaurikund landslide | Image: ANI

Kedarnath Yatra: गुरुवार, 30 जुलाई को लगातार हो रही भारी बारिश के बीच केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे भारी मात्रा में पत्थर और मलबा गिरने से मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। घटना के बाद, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रा को तुरंत निलंबित कर दिया और फंसे हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य तेज कर दिया है। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से बिना आधिकारिक अनुमति के केदारनाथ की ओर नहीं बढ़ने का आग्रह किया है और उन्हें अधिकारियों द्वारा जारी परामर्श का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।

लैंडस्लाइड से बाधित हुआ केदारनाथ मार्ग

दरअसल, गौरीकुंड गेट से लगभग 200 मीटर आगे बड़ी मात्रा में मलबे और पत्थरों के साथ ट्रेकिंग मार्ग पर गिरते रहते हैं, जिसके चलते तीर्थ मार्ग तक पहुंच में बहुत ही दिक्कत होती है। इस मार्ग पर कई बार जान-माल का नुकसान भी हो चुका है।

गुरुवार को लगातार बारिश के चलते लैंडस्लाइड केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग बाधित हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रा को तुरंत निलंबित कर दिया। इसके बाद तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पहुंचाया गया। घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा मार्ग से मलबा हटाने एवं आवागमन बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने आगे नहीं बढ़ने का किया आग्रह

केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड गेट के पास भारी मात्रा में मलबे और पत्थरों के गिरने के बाद जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों खास अपील की है। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से बिना आधिकारिक अनुमति के केदारनाथ की ओर नहीं बढ़ने का आग्रह किया है और उन्हें अधिकारियों द्वारा जारी परामर्श का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है।

July 30, 2026

आवागमन बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर

स्थिति का आकलन करने और निकासी और बहाली अभियान चलाने के लिए पुलिस, जिला प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और अन्य संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। मार्ग से मलबा हटाने एवं आवागमन बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा कहा गया कि ट्रैकिंग मार्ग को साफ करने और तीर्थयात्रियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित घोषित होने के बाद ही केदारनाथ यात्रा फिर से शुरू होगी।

जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने बताई जमीनी हालत

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने कहा कि बुधवार देर रात और गुरुवार सुबह कई स्थानों से भूस्खलन की खबरें मिलीं, जिनमें केदारनाथ राजमार्ग पर शामिल हैं, जो चार धाम यात्रा और श्री केदारनाथ धाम की तीर्थयात्रा के लिए एक प्रमुख मार्ग के रूप में कार्य करता है। मार्ग को साफ करने और तीर्थयात्रियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित घोषित होने के बाद ही केदारनाथ यात्रा फिर से शुरू होगी।

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 30 July 2026 at 17:22 IST