अपडेटेड 1 April 2025 at 21:40 IST

Diesel Price Hike : कांग्रेस सरकार का बड़ा फैसला, डीजल पर बढ़ाया 2 रुपये सेल्स टैक्स

कर्नाटक सरकार ने डीजल पर बिक्री कर 18.44% से बढ़ाकर 21.17% करने का फैसला किया है। जिसके बाद प्रदेश में डीजल 2 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।

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कर्नाटक में महंगा हुआ डीजल | Image: Shutterstock

Diesel Price Hike: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने 1 अप्रैल, 2025 से डीजल पर बिक्री कर (sales tax) 18.44% से बढ़ाकर 21.17% करने का फैसला किया है। जिसके बाद डीजल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। अब बेंगलुरु में डीजल की कीमत 88.94 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 91.02 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सरकार के इस फैलले का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। 

राज्य सरकार ने यह कदम राजस्व बढ़ाने के लिए उठाया है, क्योंकि कर्नाटक सरकार को अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए धन की आवश्यकता है। राज्य को वित्तीय संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने यह भी दावा किया कि कर्नाटक में इस बढ़ोतरी के बाद भी डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्यों से कम हैं। 

2024 में बढ़ाई थी कीमत

इससे पहले कर्नाटक में डीजल की कीमत जून 2024 में बढ़ाई गई थी। जब सरकार ने पेट्रोल पर बिक्री कर 25.92% से बढ़ाकर 29.84% और डीजल पर बिक्री कर 14.3% से बढ़ाकर 18.4% कर दिया था। जिससे पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.02 प्रति लीटर महंगा हो गया था।

दूध 4 रुपये मंहगा

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने दूध कीमतों में भी इजाफा किया है। एक अप्रैल से दूध की कीमतें 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है। यह एक साल के अंदर तीसरी बार है जब दूध की कीमतों में वृद्धि की गई है। कर्नाटक सरकार के इस फैसले ने महंगाई के इस दौर में आम आदमी की जेब पर बोझ डाला है। सरकार ने नंदिनी दूध और दही की कीमतो में 4 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई थी।

सरकार की वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं- प्रहलाद जोशी

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, “कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से दूध की कीमतें, पेट्रोल की कीमतें, रजिस्ट्रेशन शुल्क, शराब, वाहन कर, वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। एक तरफ वे गारंटी का वादा कर रहे हैं और दूसरी तरफ वे सब कुछ वापस ले रहे हैं। वे अपनी गारंटी पर सालाना 50,000 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करते हैं, लेकिन बदले में करीब 60-70,000 करोड़ रुपये कमा रहे हैं। उन्होंने दूध की कीमतें बढ़ाई हैं। इसका मतलब है कि उनकी वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है।”

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 1 April 2025 at 20:56 IST