नाम बदल वाहिद बना रोहित, भारती को प्यार में फंसा लिव इन में रहा; अब कमरे में बंद मिली युवती की लाश, कानपुर में सनसनीखेज मर्डर
कानपुर के रायपुरवा में एक 35 साल की महिला की सड़ी-गली लाश बरामद हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी लिव-इन पार्टनर की तलाश की जा रही है।
गौरव त्रिवेदी की रिपोर्ट
Kanpur Woman Murder: कानपुर के खलवा इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंद घर से अचानक तेज बदबू आने लगी। घर के दरवाजे के बाहर से खून बहता देखा तो लोगों के होश उड़ गए। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, मौके पर पहुंची पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो देखा, घर के अंदर तख्त के नीचे 35 साल की महिला की लाश पड़ी है।
लिव-इन पार्टनर पर शक
स्थानीय लोगों के बताया कि, मृतक महिला सीमा (बदला हुआ नाम) पिछले कुछ समय से एक मुस्लिम युवक वाहिद के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। पड़ोसियों के मुताबिक वाहिद ने अपना नाम रोहित बताया था, लेकिन जब पुलिस को उसका आधार कार्ड मिला, तो उसमें वाहिद नाम लिखा मिला। यानी मुस्लिम युवक अपना नाम बदलकर इलाके में रह रहा था। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर वाहिद की तलाश शुरू कर दी है।
4 दिन से बंद था घर, फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
वहीं, पुलिस ने बताया कि पड़ोसियों ने 4 दिन पहले से घर में ताला बंद होने और बदबू आने की सूचना दी थी। पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से सबूत जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
एसीपी रायपूर्वा मंजय सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।
लव जिहाद की साजिश या कत्ल?
महिला की ऐसी निर्मम हत्या, समाज में लव जिहाद और पहचान छिपा कर रहने वाले लोगों के खतरे को उजागर करती है। रोहित बनकर घुसपैठिए वाहिद न न सिर्फ विश्वास तोड़ा बल्कि, चार दिनों तक सड़ते शव को देख कर इलाके में डर का माहौल बन गया है। लेकिन इस हत्या से कई बड़े सवाल खड़े होते हैं कि क्या यह सिर्फ एक प्रेम विवाद था या कोई साजिश का जाल, खास कर जिसमें मासूम हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया जाता है? एसीपी मंजय सिंह का दावा है कि जल्द ही खुलासा होगा, लेकिन सतर्क रहना ही एकमात्र रक्षा है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 1 November 2025 at 20:36 IST