'परीक्षा में फेल बच्चा जैसे शिक्षक को कोसता है, वैसे ही राहुल EVM को...' जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर तंज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को डराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों के लिए इन संस्थानों को बदनाम कर रहे हैं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने विपक्षी दलों पर अपने संकीर्ण राजनीतिक हितों को साधने के लिए देश की प्रमुख संवैधानिक संस्थाओं चुनाव आयोग (ECI) और उच्चतम न्यायालय को डराने और धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है।
संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के दुर्भावनापूर्ण प्रयास
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यह हमारे लिए गर्व का विषय है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली की पूरी दुनिया में प्रशंसा की जाती है। इसके बावजूद, कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी सर्वोच्च संस्थाओं को बदनाम करने के दुर्भावनापूर्ण प्रयास कर रहे हैं। नड्डा ने कहा कि संवैधानिक सुरक्षा उपायों को कमजोर करने की ऐसी कोशिशें देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए ठीक नहीं हैं।
राहुल गांधी के राजनीतिक व्यवहार पर तंज
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये की तुलना एक ऐसे गैर-जिम्मेदार छात्र से की जो अपनी नाकामी का ठीकरा दूसरों पर फोड़ता है। उन्होंने स्कूल के दिनों का एक रोचक उदाहरण देते हुए कहा कि जब ऐसा बच्चा परीक्षा पास करता है, तो वह अपनी बुद्धिमत्ता का दावा करता है, लेकिन जब वह असफल होता है, तो वह शिक्षक और परीक्षा प्रणाली को दोष देने लगता है।
नड्डा ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का यही रवैया आज भारतीय राजनीति में भी दिखाई दे रहा है। चुनाव जीतने पर वह खुद को 'जीनियस' मानते हैं, लेकिन जब उन्हें हार का सामना करना पड़ता है, तो वे तुरंत चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं।
मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर जोर
यह जन-आंदोलन और अभियान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची की सटीकता और संवैधानिक प्रक्रियाओं के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना है। अंत में, नड्डा ने देश के चुनावी तंत्र की पूर्ण अखंडता का बचाव करते हुए विपक्ष से ओछी राजनीति से ऊपर उठकर संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान करने की अपील की।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 30 October 2026 at 22:54 IST