'कोर्ट के आदेश का सम्मान, लेकिन...', HC के स्टे के बाद भड़के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, सरकार पर साधा निशाना
JPSC Protest: झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के जरिए हुई नियुक्तियों को रद्द करने के CM हेमंत सोरेन सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। इस बीच अब छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
- भारत
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JPSC Protest: गुरुवार, 20 अगस्त को झारखंड हाई कोर्ट ने CM हेमंत सोरेन सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसके तहत 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया था।
कोर्ट के आदेश के बाद उन नए नियुक्त अधिकारियों को राहत मिली है, जिन्होंने सरकार के इस निर्णय को चुनौती दी थी, लेकिन इस बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए सरकार को घेरने का काम किया। उन्होंने कोर्ट पर भरोसा जताया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार धोखा देती है तो फिर से आंदोलन कर सकते हैं।
मैं हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं, लेकिन…
हाई कोर्ट के आदेश के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा '"मैं हाई कोर्ट के आदेश का सम्मान करता हूं। मुझे भरोसा है कि हाई कोर्ट उस मकसद के साथ न्याय करेगा जिसके लिए हम झारखंड में पेपर लीक और गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध कर रहे थे, क्योंकि ये चीजें लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही हैं।"
CID जांच रिपोर्ट पर उठाए सवाल
झारखंड सरकार के कोर्ट में पक्ष रखने के तरीके पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि जब हाई कोर्ट ने सरकार को मौका दिया था, तो एडवोकेट जनरल कोर्ट क्यों नहीं पहुंचे? सरकार का पक्ष रखने वाले वकील ने CID जांच रिपोर्ट को ठीक से क्यों पेश नहीं किया?
महतो ने आरोप लगाया कि सरकार के रवैये से ऐसा लगता है कि वह कथित अनियमितताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "इससे ऐसा लगता है कि सरकार इसे छिपाना चाहती है।"
लीपापोती हुई, तो फिर से आंदोलन
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के आने के बाद महतो ने चेतावनी देते हुए कहा '"अगर सरकार धोखा देती है या मामले को छिपाने की कोशिश करती है, तो छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा। हम धोखा बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
गौरतलब है कि गुरुवार को झारखंड हाई कोर्ट का आदेश, हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार द्वारा उन 44 भर्ती परीक्षाओं की सूची जारी करने के बाद हुआ है, जिन्हें गड़बड़ियों के कारण रद्द कर दिया गया था। इन परीक्षाओं का आयोजन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने किया था और इन गड़बड़ियों को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 21 August 2026 at 07:02 IST