Jharkhand JPSC Row: फिर एक्शन में देवेंद्र महतो, कहा- हमें सोरेन सरकार की मंशा पर संदेह है, छात्र ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, अगर 18 सितंबरा को...
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 26 साल के झारखंड में भर्ती व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुकी है। अब इसे सुधारने के लिए आंदोलन किसी भी कीमत पर समझौते की राह पर नहीं जाएगा।
- भारत
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जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच ने एक बार फिर झारखंड सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को राजधानी रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने झारखंड की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए और सरकार पर अदालत में कमजोर पक्ष रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कोर्ट पर भरोसा जताया, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार धोखा देती है तो फिर से आंदोलन कर सकते हैं।
न्याय मंच प्रमुख और छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि 26 साल के झारखंड में भर्ती व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार से प्रभावित हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आंदोलन किसी भी कीमत पर समझौते की राह पर नहीं जाएगा उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 15 सितंबर को हाईकोर्ट में अगर सरकार छात्रों के हित में अपना मजबूत पक्ष नहीं रखती, तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
अब छात्र निकालेंगे भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "24 अगस्त 2026 से दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक आवास नेमरा, रामगढ़ से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा इसलिए निकाली जाएगी क्योंकि हम भर्ती व्यवस्था सुधार को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने आंदोलन के प्रभाव से ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 45 परीक्षाओं पर ऐक्शन लिया, 22 परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। लेकिन जब न्यायालय के पास मामला पहुंचा तो इस फैसले पर रोक लगा दी गई।"
देवेंद्र नाथ महतो ने हेमंत सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने कहा,"हमें सरकार की मंशा पर संदेह हो रहा है और इससे पूरे छात्र परेशान हैं, हताश हैं और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं इसलिए हम इस आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा निकाल रहे हैं। इस मामले में 15 सितंबर को जो अगली सुनवाई है, अगर उस दिन सरकार मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखती है, तो आगे हम मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे, चक्का जाम करेंगे।"
सरकार तय करे कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष-देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्रनाथ महतो ने बताया कि छात्र आंदोलन की शुरुआत 5 जुलाई से हुई थी, जो 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह में बदल गया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दबाव में सरकार को 22 परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं, छह परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं और 17 मामलों में जांच बैठानी पड़ी। लेकिन दो दिन बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, एफएसओ, सीडीपीओ और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने के फैसले पर रोक लग गई।
महतो ने सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए पूछा कि सरकार ने अदालत में सीआईडी की रिपोर्ट को मजबूती से क्यों नहीं रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले दिन महाधिवक्ता अदालत में क्यों नहीं पहुंचे और सरकार ने अपने फैसले का पर्याप्त बचाव क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई किसी निर्दोष छात्र की नौकरी छीनने की नहीं है। सरकार तय करे कि कौन दोषी है और कौन निर्दोष। दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन पूरे भर्ती तंत्र में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो।”
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 21 August 2026 at 20:01 IST