जिसे मरा हुआ समझ दफनाया, 7 दिन बाद वो जिंदा लौटा, अब सबसे बड़ा सवाल- क‍ब्र में आखिर किसकी लाश? झारखंड में हैरान कर देने वाली घटना

झारखंड के खूंटी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति को मृत मानकर परिजनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ दफना दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद वही शख्स अचानक जिंदा घर लौट आया।

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जिसे मरा हुआ समझ दफनाया, 7 दिन बाद वो जिंदा लौटा, अब सबसे बड़ा सवाल- क‍ब्र में आखिर किसकी लाश? झारखंड में हैरान कर देने वाली घटना | Image: X

झारखंड के खूंटी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति को मृत मानकर परिजनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ दफना दिया, लेकिन कुछ दिनों बाद वही शख्स अचानक जिंदा घर लौट आया। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, जबकि पुलिस और प्रशासन भी असली मृतक की पहचान को लेकर उलझन में पड़ गए हैं। पुलिस अब इस जांच में लगी है कि जिसका अंतिम संस्‍कार किया गया आखिर वो शख्‍स कौन था?

जानकारी के अनुसार, खूंटी जिले के पत्राटोली गांव निवासी 45 साल के विश्राम मुंडा 10 मई को एक शादी समारोह में जाने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिवार ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इस बीच अगले दिन पुलिस को एक नाले से एक अज्ञात शव मिला। आशंका जताई गई थी कि धारदार हथियार से हत्या करने के बाद शव को वहां फेंका गया था।

सूचना पाकर विश्राम मुंडा का परिवार पहुंचा पोस्‍टमार्टम हाऊस और...

इसकी सूचना मिलने पर विश्राम मुंडा के स्वजन अन्य ग्रामीणों के साथ दूसरे दिन पोस्टमार्टम हाउस खूंटी पहुंचे और शव की पहचान विश्राम मुंडा के रूप में कर ली। बताया गया कि शव की कद-काठी और चेहरा विश्राम मुंडा से काफी मिलता-जुलता था, जिसके कारण किसी को संदेह नहीं हुआ। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव स्वजनों को सौंप दिया। इसके बाद गांव में सामाजिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार कर शव को दफना दिया गया।

विश्राम मुंडा अचानक पहुंचे घर

लेकिन कहानी में उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया, जब दफनाने के कुछ दिन बाद विश्राम मुंडा अचानक खूंटी स्थित अपनी बेटी के किराए के घर पहुंच गए। उन्हें जिंदा देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे इलाके में फैल गई और गांव में चर्चा का विषय बन गई। विश्राम मुंडा ने परिजनों को बताया कि वे बिना किसी को सूचना दिए रामगढ़ चले गए थे।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर गांव में ग्रामसभा की बैठक भी बुलाई गई। पंचायत मुखिया प्रेम टूटी ने इस भूल के लिए ग्रामीणों की ओर से माफी मांगी। उधर, पुलिस अब उस अज्ञात शव की वास्तविक पहचान करने में जुट गई है, जिसका अंतिम संस्कार विश्राम मुंडा समझकर कर दिया गया था। डीएसपी वरुण रजक ने बताया कि मामले में दोबारा कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस डीएनए जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक की असली पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी, ताकि उसके वास्तविक परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 21 May 2026 at 14:18 IST