अपडेटेड 17 March 2025 at 17:24 IST

भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति अच्छी : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसमें लगातार सुधार के प्रयास जारी हैं।

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Ashwini Vaishnav | Image: PTI

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसमें लगातार सुधार के प्रयास जारी हैं।

रेल मंत्रालय के कामकाज पर उच्च सदन में हुयी चर्चा का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने कोविड महामारी से जुड़ी चुनौतियों पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है और यात्रियों की संख्या बढ़ रही है और यात्री तथा माल यातायात दोनों में वृद्धि देखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि 2023-24 के दौरान, भारतीय रेलवे ने 2,75,000 करोड़ रुपये के खर्च के मुकाबले लगभग 2,78,000 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। उन्होंने कहा कि खर्च के प्रमुख घटकों में कर्मचारी लागत (1,16,000 करोड़ रुपये), पेंशन भुगतान (66,000 करोड़ रुपये), ऊर्जा व्यय (32,000 करोड़ रुपये) और वित्तपोषण लागत (25,000 करोड़ रुपये) शामिल हैं।

वैष्णव ने कहा कि अच्छे प्रदर्शन के कारण रेलवे अपने खर्चों को अपनी आय से पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर, रेलवे की वित्तीय स्थिति अच्छी है और इसे लगातार सुधारने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रेलवे माल ढुलाई से राजस्व अर्जित करते हुए यात्री किराए में सब्सिडी देता है। उन्होंने कहा कि प्रति किलोमीटर वास्तविक लागत 1.38 रुपये है जबकि यात्रियों से 72 पैसे ही लिए जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप 2023-24 के लिए कुल यात्री सब्सिडी करीब 57,000 करोड़ रुपये होगी।

वैष्णव ने कहा कि पड़ोसी देशों की तुलना में भारतीय रेल किराया सबसे कम है। उन्होंने कहा कि अगर 350 किलोमीटर की यात्रा को देखें, तो भारत में सामान्य श्रेणी का किराया 121 रुपये है, पाकिस्तान में 400 रुपये, श्रीलंका में 413 रुपये। उन्होंने कहा कि 2020 से किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऊर्जा लागत 30,000-32,000 करोड़ रुपये पर स्थिर है और रेलवे को 2019 के बाद लागू किए गए विद्युतीकरण पहल से वित्तीय लाभ हुआ है।

मंत्री ने यात्री और माल ढुलाई में वृद्धि सहित कई उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जलदी ही भारतीय रेलवे 1.6 अरब टन माल ढुलाई क्षमता के साथ दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो जाएगा और वह केवल चीन एवं अमेरिका से पीछे है।

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Published By : Deepak Gupta

पब्लिश्ड 17 March 2025 at 17:24 IST