अपडेटेड 30 January 2026 at 22:54 IST

देश की पहली LNG ट्रेन का सफल परीक्षण, एक बार टैंक फुल करने पर 2200 किमी तक चलने की क्षमता, डीजल से 3 गुना कम खर्च

भारतीय रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन ने देश की पहली LNG-डीजल दोहरे ईंधन वाली DMU ट्रेन का सफल परीक्षण किया है। इससे 40% तक डीजल की जगह LNG का उपयोग होगा, जिससे उत्सर्जन में कमी आएगी और सालाना लाखों रुपये की बचत होगी। एक बार पूरी तरह से टैंक भरने के बाद यह 2200 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय कर सकती है।

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सांकेतिक फोटो | Image: X- DRM Ahmedabad

भारतीय रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण और लागत बचत की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। इससे रेलवे के इतिहास में नआ अध्याय जुड़ेगा। दरअसल, पश्चिमी रेलवे के अहमदाबाद डिवीजन ने देश की पहली लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) और डीजल आधारित दोहरे ईंधन वाली डीजल मल्टीपल यूनिट (DMU) ट्रेन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। इस हाईटेक ट्रेन में यह खास है कि इसमें एक बार पूरी तरह से टैंक भर देने के बाद यह 2200 किलोमीटर तक की लंबी दूरी तय कर सकती है।

मेहसाणा और साबरमती के बीच ट्रायल 

इस हाईटेक ट्रेन का ट्रायल गुजरात के मेहसाणा और साबरमती खंड के बीच चल रहा है, जो अबतक 2000 किमी से अधिक की दूरी तय कर चुकी है। आने वाले समय में इस खंड की 8 से 10 और ट्रेनों में LNG तकनीक को अपनाने की योजना है। सफल ट्रायल के बाद इस तकनीक का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट के तहत, लगभग 1400 हॉर्सपावर क्षमता वाली ट्रेनों को एलएनजी ईंधन प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। इससे 40 प्रतिशत तक डीजल की जगह LNG का इस्तेमाल संभव हो गया है। इस इनोवेशन से रेल संचालन में साफ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा और उत्सर्जन में कमी भी आएगी। 

प्रदूषण में आएगी कमी 

अहमदाबाद के DRM वेद प्रकाश ने बताया कि LNG डीजल से सस्ता होने के कारण ट्रेन चलाने की कुल लागत कम हो जाती है। एलएनजी ईंधन से प्रदूषण में भी भारी कमी आती है। कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और धूल के कण जैसे हानिकारक तत्व कम मात्रा में उत्पन्न होते हैं। इससे रेलवे ट्रैक के आसपास की हवा भी शुद्ध रहती है, साथ ही ईंधन की लागत में भी काफी बचत होती है।

एक LNG टैंक से 2200 किमी का सफर

वेद प्रकाश ने आगे बताया कि अहमदाबाद डिवीजन ने भारतीय रेलवे में पहली बार डीजल इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (डीईएमयू) के ड्राइविंग पावर कार (डीपीसी) में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आधारित दोहरे ईंधन प्रणाली को सफलतापूर्वक अपनाया है। इससे इंजन की शक्ति या प्रदर्शन में कोई कमी नहीं आती और विश्वसनीयता भी बनी रहती है। एक एलएनजी टैंक से डीपीसी ट्रेन लगभग 2200 किलोमीटर तक चल सकती है, इसलिए बार-बार ईंधन भरने की आवश्यकता नहीं होती।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 30 January 2026 at 22:54 IST