समुद्र में तीन गुनी हुई भारत की ताकत, नेवी में कमिशन हुए 3 नए 'धुरंधर'; जानिए INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक की खासियत
कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर तीन स्वदेशी वॉरशिप INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक भारतीय नौसेना में शामिल हुए।
- भारत
- 3 min read
कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर तीन स्वदेशी वॉरशिप INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक भारतीय नौसेना में शामिल हुए। देश में ही डिजाइन किए और बनाए गए जहाजों के शामिल होने से देश की ऑपरेशनल क्षमताएं बढ़ जाएंगी। इस दौरान कार्यक्रम में पीएम मोदी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि इनका निर्माण भारत में हुआ है। डिजाइन भारत में हुआ है। भारतीय इंजीनियरों का कौशल लगा है, परिश्रम लगा है। यह नए भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आज भारत रक्षा क्षेत्र में केवल खरीदार बनकर नहीं रहना चाहता।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सैन्य शक्ति दुनिया के लिए बाजार नहीं बन सकती। मेरी शक्ति की पहचान विश्व का बाजार बनने में नहीं बल्कि मेरी आत्मनिर्भरता में है। भारत निर्माता बनना चाहता है। जिस दिन निर्माता होंगे न, उस दिन निर्णायक भी होंगे।
नेवी में शामिल करने के बाद PM मोदी ने क्या कहा
इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, भारत ने हमेशा से समुद्र को सहयोग का माध्यम माना है। लेकिन भारत ये भी जानता है कि शांति की रक्षा के लिए सामर्थ्य भी उतना ही आवश्यक है। समृद्धि की रक्षा के लिए सुरक्षा आवश्यक है और भविष्य के निर्माण के लिए आत्मनिर्भरता अनिवार्य है। आज INS अग्रय, INS दूनागिरी और INS संशोधक इसी भावना के प्रतीक बनकर भारतीय नौसेना में शामिल हुए हैं।
ये उस भारत के प्रतीक हैं जो 21वीं सदी में अपने सामर्थ्य को पहचान रहा है, जो अपनी क्षमताओं पर विश्वास कर रहा है, और जो दुनिया के सामने नए आत्मविश्वास के साथ तेज गति से ऊर्जा से भरे हुए संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा- इस शुभ अवसर पर, मैं नेवी के सभी साथियों को, देश के सभी साथियों को, अनेक अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मैं एक बार फिर भारतीय नौसेना को, सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, श्रमिकों और देशवासियों को हृदयपूर्वक बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
INS दूनागिरी के बारे में जानिए
INS दूनागिरी प्रोजेक्ट-17A का 5वां स्टील्थ फ्रिगेट वॉरशिप है। इसे नेवी के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। प्रोडक्शन कोलकाता की गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) ने किया है।
इसे ब्रह्मोस सतह से सतह पर मार करने वाली सुपरसोनिक मिसाइलों से लैस किया गया है। इसमें हेलिकॉप्टर संचालन की क्षमता है। इसकी स्टेल्थ तकनीक दुश्मन के रडार से बचने में भी मदद करेगी।
INS संशोधक के बारे में जानिए
INS संशोधक सर्वे वेसल (लार्ज) सीरीज का चौथा जहाज है। इसका काम युद्ध लड़ना नहीं, बल्कि समुद्र का सर्वे करना है। इसे तट और गहरे समुद्र में हाइड्रोग्राफिक सर्वे, समुद्री डेटा कलेक्शन और डिफेंस-सिविल यूज के लिए बनाया गया है। बंदरगाहों और समंदर के रास्तों का सर्वे करना भी इसके मुख्य काम में शामिल है।
इसमें ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल और रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल जैसे मॉर्डन सिस्टम भी हैं। यह समंदर की गहराई माप सकता है। नक्शे यानी नॉटिकल चार्ट बना सकता है।
INS अग्रय के बारे में जानिए
INS अग्रय अर्नाला क्लास का चौथा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट यानी उथले पानी का वॉरशिप है। इसे हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और एडवांस्ड सोनार सिस्टम से लैस किया गया है। जिससे यह तटों पर तैनात दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर उन्हें निशाना बना सकता है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 21 June 2026 at 12:41 IST