अपडेटेड 15 October 2024 at 14:38 IST
भारत वैश्विक स्तर पर 6जी क्रांति का नेतृत्व करने के लिए तैयार: ज्योतिरादित्य सिंधिया
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि भारत 6जी के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश के दूरसंचार क्षेत्र को ‘‘तेजी से आगे बढ़ने वाला’’ और ‘‘महत्वाकांक्षी’’ करार दिया।
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि भारत 6जी के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देश के दूरसंचार क्षेत्र को ‘‘तेजी से आगे बढ़ने वाला’’ और ‘‘महत्वाकांक्षी’’ करार दिया।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस और विश्व दूरसंचार मानकीकरण (डब्ल्यूटीएसए) 2024 के उद्घाटन के अवसर पर सिंधिया ने कहा, ‘‘ यह हमारा विश्वास और हमारी प्रतिबद्धता है... भारत ने 4जी में दुनिया का अनुसरण किया, हम 5जी में दुनिया के साथ आगे बढ़े, लेकिन हम 6जी में दुनिया का नेतृत्व करेंगे।’’
सिंधिया ने कहा कि भारत में सबसे तेजी से 5जी सेवाएं शुरू की गईं। केवल 21 महीने के अंतराल में 98 प्रतिशत जिलों और 90 प्रतिशत गांवों तक इसे पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का न केवल 6जी प्रौद्योगिकी को अपनाने का बल्कि देश को इस दिशा में अग्रणी बनाने का लक्ष्य है। मंत्री ने कहा, ‘‘यह उल्लेखनीय है कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस और अंतरराष्ट्रीय 6जी संगोष्ठी, 6जी में स्थानीय तथा वैश्विक प्रगति को प्रदर्शित करती है... ।’’
सिंधिया ने कहा कि दूरसंचार अधिनियम 2023 में हाल में किए गए बदलाव की रूपरेखा इस आधार पर तैयार की गई कि भारत के दूरसंचार ढांचे का आधुनिकीकरण हो सके, उपग्रह संचार के उच्च क्षमता वाले क्षेत्र जैसे अब तक अनसुलझे क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जा सके, डिजिटल युग की चुनौतियों का समाधान किया जा सके, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा है। उन्होंने कहा, ‘‘ भारत में विकास के लिए महत्वपूर्ण अन्य क्षेत्रों की तरह दूरसंचार क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ने वाला और महत्वाकांक्षी है तथा अमृत काल से शताब्दी काल तक की हमारी यात्रा में इसका लक्ष्य विश्व का नेतृत्व करना है।’’
इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी), दूरसंचार विभाग (डीओअी) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) द्वारा आयोजित किया जाने वाला वार्षिक कार्यक्रम है। आईएमसी 2024 में 400 से अधिक प्रदर्शक, करीब 900 स्टार्टअप और 120 से अधिक देश हिस्सा लेंगे। 160 से अधिक देशों के करीब 3,200 प्रतिनिधि डबल्यूटीएसए का हिस्सा हैं।
Published By : Shubhamvada Pandey
पब्लिश्ड 15 October 2024 at 14:38 IST