भारत ने पेरिस एआई शिखर सम्मेलन के बयान को स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई: वैष्णव
भारत ने पेरिस में कृत्रिम मेधा कार्यवाही शिखर सम्मेलन में नेताओं के बयान को एक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत ने पेरिस में कृत्रिम मेधा कार्यवाही शिखर सम्मेलन में नेताओं के बयान को एक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। इस शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी।
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सह-अध्यक्ष और वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए भारत के व्यापक नजरिये को स्पष्ट किया।
उन्होंने बृहस्पतिवार को लिंक्डइन पर लिखा, ''भारत के रणनीतिक लाभ हमें वैश्विक एआई परिदृश्य में विशिष्ट स्थान देते हैं, जिसमें एक मजबूत आईटी परिवेश, विशाल प्रतिभा और नवाचार की संस्कृति शामिल हैं। हमारे देश ने शिखर सम्मेलन के नेताओं के बयान को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।''
वैष्णव ने कहा कि नेताओं के बयान में एआई बुनियादी ढांचे तक अधिक पहुंच, एआई का जिम्मेदार उपयोग, सार्वजनिक हित के लिए एआई, एआई को अधिक विविध और टिकाऊ बनाना तथा एआई का सुरक्षित और भरोसेमंद इस्तेमाल सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि एआई के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया में भारत देशी स्टार्टअप और शिक्षाविदों को रियायती लागत पर 18,000 से अधिक जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) तक पहुंच दे रहा है।
Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 14 February 2025 at 21:46 IST