21वीं सदी में भारत नई सोच और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है, हमारा लक्ष्य नई टेक्नोलॉजी बनाना है- PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के भारत मंडपम में उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2026) के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

 
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PM Modi Inaugurates Emerging Science, Technology and Innovation Conclave 2026 | Image: ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के भारत मंडपम में उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ESTIC 2026) के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत नई सोच से आगे बढ़ रहा है। भारत को दुनिया का नेतृत्व करना है। कोरोना काल में भारत ने वैक्सीन बनाई। दूसरे देशों को वैक्सीन भी भेजी। अब हमें नई सोच में नई तकनीक अपनानी है। इस दौरान उन्होंने ही कहा कि विकसित भारत के लिए परमाणु ऊर्जा जरूरी।

27 से 29 अक्तूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। इसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य नई तकनीकों को बढ़ावा देना, भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को मजबूत करना और शोध के नतीजों को आम लोगों के काम आने वाले समाधानों में बदलना है।

पीएम  मोदी ने कहा "...मैं इस कॉन्क्लेव(ESTIC)में पिछली बार भी आया था। इस बार हम 'इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी' विषय पर चर्चा कर रहे हैं। दशकों पहले एक समय था जब भारत के लिए साइंस एंड टेक्नोलॉजी का मतलब था, 'कैटचप'। दुनिया में कुछ इनोवेटिव होता था तो कुछ सालों बाद वो तकनीक हम तक पहुंचती थी। हम उसे अपनाते थे या उसमें कुछ सुधार करके आगे बढ़ाते थे। लेकिन आज 21वीं सदी का भारत एक नई सोच और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

अब हमारा लक्ष्य भारत के लिए, दुनिया के लिए, आज के लिए, आने वाले कल के लिए नई टेक्नोलॉजी बनाना, उसकी दिशा तय करना और दुनिया की समस्याओं के समाधान देने की शक्ति विकसित करना है। कोरोना काल में हमने इसका उदाहरण देखा है। जब दुनिया के अनेक देश वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे थे, भारत ने अपनी वैक्सीन विकसित की, भारत ने बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन किया और दूसरे देशों को भी वैक्सीन भेजी। यही 21वीं सदी के भारत का आत्मविश्वास है।"

जीरो की खोज से लेकर, नंबर सिस्टम और खगोल विज्ञान तक भारत की परंपरा, ज्ञान और खोज की रही है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "जीरो की खोज से लेकर, नंबर सिस्टम और खगोल विज्ञान तक भारत की परंपरा, ज्ञान और खोज की रही है। आज हम अपनी इसी वैज्ञानिक विरासत को आधुनिक तकनीक और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।"  

उन्होंने आगे कहा, "बीते एक वर्ष के कुछ उदाहरणों से ये बदलाव और बेहतर समझ आता है। 30 अक्टूबर को देश डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जन्मजयंती मनाएगा इसलिए शुरूआत न्यूक्लियर (परमाणु) ऊर्जा से करते हैं। आप सभी जानते हैं कि विकसित भारत के निर्माण के लिए हमें बड़ी मात्रा में न्यूक्लियर ऊर्जा की आवश्यकता होगी।

न्यूक्लियर ईंधन के लिए आयात पर निर्भरता हमारी ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक चुनौती है इसलिए भारत अपनी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रहा है। कुछ महीनों पहले ही 500 मेगावाट क्षमता वाला स्वदेशी प्रोटोटाइप पहली क्रिटिकैलिटी (नियंत्रित विखंडन श्रृंखला प्रतिक्रिया) तक पहुंच चुका है..."  

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 27 October 2026 at 19:32 IST