BRICS में भारत का बढ़ता दबदबा... केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार को बताया भविष्य तो एस जय शंकर बोले- ये साल मील का पत्थर होगा
BRICS का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के नागरिकों के लिए रोजगार, संपत्ति और समृद्धि के नए अवसर सृजित करना है। BRICS के सदस्य देश वैश्विक आबादी के लगभग आधे हिस्से और कुल वैश्विक जीडीपी के 40 प्रतिशत भाग का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो इसकी वैश्विक आर्थिक ताकत को दर्शाता है।
- भारत
- 4 min read
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में BRICS के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के नागरिकों के लिए रोजगार, संपत्ति और समृद्धि के नए अवसर पैदा करना है। BRICS के सदस्य देश दुनिया की करीब आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी के 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। वैश्विक व्यापार में भी इन देशों की हिस्सेदारी लगभग एक-चौथाई है, जिसमें भारत अंतर-BRICS व्यापार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है।
मजबूत सप्लाई चेन और बाजार की पहुंच
भारत इंजीनियरिंग उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। भारत BRICS को इन उत्पादों के लिए एक बड़े बाजार के रूप में देखता है। पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि सदस्य देशों को एक-दूसरे के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए, जिसमें कच्चा माल और महत्वपूर्ण खनिज भी शामिल हैं। सप्लाई चेन तभी लचीली होगी जब वह दोनों दिशाओं में प्रभावी रूप से काम करे। गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करके नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाना और माल की खेपों की तेजी से मंजूरी सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
कृषि, सेवा क्षेत्र और महिला उद्यमिता
कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एग्रीटेक स्टार्टअप्स को आपसी साझेदारी के साथ काम करना चाहिए ताकि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, सेवा क्षेत्र के बाजारों को खोलना और पेशेवरों की सीमाओं के पार आवाजाही को सुगम बनाना आवश्यक है। भारत में स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या के साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है। देश के 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 45 प्रतिशत से ज्यादा में महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका में हैं। नई दिल्ली में आयोजित BRICS वूमेन बिजनेस एलायंस की बैठक ने महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को वैश्विक मंच पर और अधिक अवसर प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI
भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज वैश्विक डिजिटल ट्रांजैक्शन का आधा हिस्सा संभाल रहा है और 11 देशों में स्वीकार किया जा रहा है। स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए BRICS देशों को अपने पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ना चाहिए। उभरती हुई तकनीकों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और इनोवेशन के जरिए भारत वर्ष 2047 तक 'विक विकसित भारत' बनने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।
जयशंकर बोले यह साल हमारे लिए मील का पत्थर
BRICS समिट से ठीक पहले आयोजित BRICS बिजनेस फोरम के उद्घाटन के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संस्थागत BRICS सहयोग के शानदार 20 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। भारत के इन दूरदर्शी प्रयासों से वैश्विक पटल पर आर्थिक सहयोग और गहरी साझेदारियों को एक नई दिशा मिल रही है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 11 September 2026 at 12:12 IST