संसद हमले के बाद युद्ध की कगार पर थे भारत और पाकिस्तान, पूर्व CIA अधिकारी ने किए सनसनीखेज खुलासे, कहा- हमें उम्मीद थी भारत जवाबी हमला करेगा
2001 में भारतीय संसद पर हुए खौफनाक आतंकी हमले ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया था। पूर्व CIA अधिकारी किरियाकौ बताते हैं कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को लग रहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण युद्ध छिड़ सकता है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के पूर्व अधिकारी जॉन किरियाकौ (John Kiriakou) ने हाल ही में एक इंटरव्यू में भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव और वैश्विक आतंकवाद से जुड़े कई राज खोले हैं। किरियाकौ CIA में काउंटर टेररिज्म एक्सपर्ट के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने 2001 के संसद हमले से लेकर 2008 के मुंबई हमलों तक की घटनाओं पर कई राज खोले हैं।
जॉन किरियाकौ के खुलासों ने दक्षिण एशिया की राजनीति और अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि 2001 में संसद पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान युद्ध की कगार पर थे। 2001 और 2008 के आतंकी हमलों के बाद भारत की प्रतिक्रिया पर पूर्व CIA अधिकारी जॉन किरियाकोउ कहते हैं,
“...भारत सरकार को पाकिस्तान पर हमला करके जवाब देने का पूरा अधिकार था...हमें उम्मीद थी कि भारतीय जवाबी हमला करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया...।”
अमेरिकी एम्बेंसी में था तनाव
2001 में भारतीय संसद पर हुए खौफनाक आतंकी हमले ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की दहलीज पर ला खड़ा किया था। किरियाकौ बताते हैं कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को लग रहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच पूर्ण युद्ध छिड़ सकता है। उस समय नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास का माहौल बेहद तनावपूर्ण था। किरियाकौ और उनके एक जूनियर अधिकारी ने दूतावास के कैफेटेरिया में लंच करने का फैसला किया, जो आम दिनों में 400 लोगों से भरा रहता था और वीकेंड पर नाइट क्लब में बदल जाता था। लेकिन उस दिन वह जगह पूरी तरह खाली थी। जूनियर अधिकारी ने हैरानी से पूछा, "सब कहां हैं?" किरियाकौ ने जवाब दिया, "उन्हें निकाल लिया गया है।"
उन्होंने पार्किंग में एक हेलीकॉप्टर की ओर इशारा किया, जो आपात स्थिति में अमेरिकी स्टाफ को सुरक्षित निकालने के लिए तैनात था। कुछ ही दिनों बाद, अमेरिकी उप विदेश मंत्री ने दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच एक समझौते की दिशा में काम किया, जिसके बाद स्टाफ को वापस बुला लिया गया।
भारत को था हमले का हक
न्यूज एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में किरियाकौ ने 2001 के संसद हमले और 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत की प्रतिक्रिया पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि "भारत सरकार को पाकिस्तान पर हमला करके जवाब देने का पूरा हक था। व्हाइट हाउस में अमेरिकी अधिकारियों को उम्मीद थी कि भारत जवाबी कार्रवाई करेगा, लेकिन भारत ने संयम बरता। हमें उम्मीद थी कि भारतीय जवाबी हमला करेंगे और उन्होंने ऐसा नहीं किया"।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 25 October 2025 at 07:46 IST