अपडेटेड 7 March 2025 at 16:20 IST
स्कूलों में शिक्षण नतीजों में सुधार करना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री सिद्धरमैया
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि स्कूलों में शिक्षण परिणामों को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार चुनिंदा निजी संस्थानों के साथ सहयोग करेगी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि स्कूलों में शिक्षण परिणामों को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार चुनिंदा निजी संस्थानों के साथ सहयोग करेगी।
विधानसभा में बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि एआई-आधारित ‘‘कलिका दीपा’’ कार्यक्रम 2,000 स्कूलों के विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ कन्नड़ और अंग्रेजी भाषा सीखने और प्रारंभिक गणितीय दक्षता हासिल करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य ‘एक-स्टेप फाउंडेशन’ के सहयोग से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘ज्ञान सेतु’’ नामक एक अन्य सहयोगात्मक कार्यक्रम में, जिसमें स्कूल खान अकादमी के साथ मिलकर काम करेंगे, विज्ञान और गणित को नवीन तरीकों का उपयोग करके पढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘इस कार्यक्रम से 5,000 सरकारी स्कूलों के 20 लाख छात्रों और 15,000 शिक्षकों को फायदा मिलेगा।’’
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को ‘कोडिंग’ सिखाने के लिए अगस्त्य फाउंडेशन के सहयोग से आई-कोड प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस परियोजना के तहत आईसीटी सुविधाओं वाले 63 चुनिंदा स्कूलों को शामिल किया जायेगा, जिससे 756 स्कूलों को फायदा मिलेगा।’’
सिद्धरमैया ने कहा कि ‘‘विद्या विजेता’’ कार्यक्रम की सफलता के बाद इसे जारी रखने के लिए चालू वित्त वर्ष में पांच करोड़ रुपये और आवंटित किए जाएंगे।
इस कार्यक्रम के तहत सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों के 25,000 विद्यार्थियों को सीईटी/एनईईटी/जेईई प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि 2,619 सरकारी स्कूलों में शुरू की गई प्री-प्राइमरी कक्षाओं को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और 90,195 बच्चों ने नामांकन कराया है। उन्होंने कहा कि इस योजना को 70 करोड़ रुपये की लागत से 5,000 स्कूलों तक भी विस्तारित किया जाएगा।
Published By : Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड 7 March 2025 at 16:20 IST