IMD Alert: उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज... 2 और 3 नवंबर को इन तीन राज्यों में भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही, अंडमान सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र जल्द ही डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है, जिससे क्षेत्र में मौसमी गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।

 
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IMD Alert: उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज... 2 और 3 नवंबर को इन तीन राज्यों में भारी बारिश के आसार | Image: Meta AI

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक अपडेट जारी किया है। आमतौर पर नवंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत में हल्की ठंडक और सुहाना मौसम महसूस होने लगता है, लेकिन इस बार मौसम के तेवर कुछ अलग ही नजर आ रहे हैं। IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड के साथ-सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने कृषि और आम जनजीवन दोनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

अंडमान सागर में बना लो-प्रेशर एरिया

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस अप्रत्याशित बारिश के पीछे एक बड़ा मौसमी सिस्टम सक्रिय है। वर्तमान में अंडमान सागर के ऊपर एक लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है, जो आगे चलकर एक डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। समुद्र में उठने वाले ऐसे सिस्टम अक्सर तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश का कारण बनते हैं। मौसम विभाग इस पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। यदि यह सिस्टम डिप्रेशन का रूप लेता है, तो इसका असर तटीय इलाकों पर भी व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

तटीय आंध्र प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

लो-प्रेशर एरिया के प्रभाव का असर केवल उत्तर भारत तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका रुख दक्षिण भारत के तटीय हिस्सों की ओर भी है। IMD के अनुसार, 2 से 3 नवंबर 2026 के बीच तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान निचले इलाकों में पानी जमा होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा है। सुरक्षा के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों की बढ़ी चिंता, धान की फसल को लेकर अलर्ट

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में इस बेमौसम बारिश का सीधा असर खेती पर पड़ सकता है। इस समय खेतों में धान की कटाई का मुख्य सीजन चल रहा है। ऐसे में अचानक होने वाली भारी बारिश से कटी हुई फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों पर सुरक्षित रख लें। इसके अलावा, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। पहाड़ों पर रास्तों के बाधित होने और पहाड़ी नालों में अचानक उफान आने से बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।

प्रशासन और विभाग की अपील

मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल IMD के आधिकारिक अपडेट्स पर ही भरोसा करें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्राओं से बचने की जरूरत है।

October 30, 2026

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 30 October 2026 at 19:36 IST