अपडेटेड 7 November 2025 at 23:21 IST

'मैं वंदे मातरम नहीं गा सकता, क्योंकि हम अल्लाह...', अबू आजमी के बयान पर गिरिराज सिंह ने किया पलटवार; कहा- ये पाकिस्तान परस्त लोग...

Vande Mataram: अबू आसिम आजमी ने वंदे मातरम पर अपनी प्रतिक्रिया देते कहा कि जो अपनी मां का भी सजदा (झुककर नमन करना) नहीं करता, वह जमीन का सजदा और सूरज का सजदा नहीं कर सकता। अबू आजमी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "जबरदस्ती का प्रदर्शन है न। जबरन किसी को कोई चीज पढ़ाई नहीं जा सकती।"

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अबू आजमी और गिरिराज सिंह | Image: Abu Asim Azmi/ANI/X

Vande Mataram: देश में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के आज 150 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में स्मरणोत्सव का उद्घाटन किया। 

इस खास मौके पर उन्होंने कहा, "वंदे मातरम ये शब्द... एक मंत्र है, एक ऊर्जा है, एक स्वप्न है और एक संकल्प है। यह मां भारती की साधना, अराधना है। यह हमें इतिहास में ले जाता है। यह हमारे वर्तमान को आत्मविश्वास से भर देता है।"

वहीं, देश में वंदे मातरम को लेकर कुछ लोग विरोध भी कर रहे हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के नेता और विधायक अबू आसिम आजमी का बयान है। आजमी ने जहां वंदे मातरम को बोलने से इनकार कर दिया है, वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने वंदे मातरम का विरोध करने वालों को पाकिस्तान-परस्त लोग बताया है।

भाजपा के द्वारा अबू आजमी के आवास के पास 'वंदे मातरम' का पाठ 

दरअसल, आज मुंबई में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी के आवास के पास 'वंदे मातरम' का पाठ करने भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे। भाजपा विधायक राज के पुरोहित ने कहा, "... यह प्रतीकात्मक है... वंदे मातरम का पाठ होना चाहिए और देश का सम्मान होना चाहिए। अगर आपको (देश से) प्यार नहीं है, तो पाकिस्तान चले जाइए... आप इसी देश में रहते हैं और यहीं के विधायक हैं..."

मैं पढ़ (वंदे मातरम) नहीं सकता क्योंकि मैं अल्लाह की इबादत (पूजा) करता हूं। - अबू आजमी 

वहीं, अबू आसिम आजमी ने वंदे मातरम पर अपनी प्रतिक्रिया देते कहा कि जो अपनी मां का भी सजदा (झुककर नमन करना) नहीं करता, वह जमीन का सजदा और सूरज का सजदा नहीं कर सकता। अबू आजमी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "जबरदस्ती का प्रदर्शन है न। जबरन किसी को कोई चीज पढ़ाई नहीं जा सकती।"

उन्होंने आगे कहा, "जो एक अल्लाह को मानता है, जो अपनी मां का भी सजदा (झुककर नमन करना) नहीं करता, वह जमीन का सजदा और सूरज का सजदा नहीं कर सकता। यह इस्लाम में कहा गया है।" वंदे मातरम पर आजमी ने कहा, "हम उसका विरोध थोड़े ही करते हैं। हम उसका सम्मान करते हैं। हम हमेशा सदन में खड़े रहते हैं। लेकिन मैं पढ़(वंदे मातरम) नहीं सकता इसलिए क्योंकि हम (मैं) अल्लाह की इबादत (पूजा) करता हूं।"

वंदे मातरम का विरोध करने पाकिस्तान-परस्त लोग... - गिरिराज सिंह 

भाजपा के दिग्गज नेता और सांसद गिरिराज सिंह ने वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर कहा है कि जो पाकिस्तान-परस्त, बांग्लादेश-परस्त और रोहिंग्या-परस्त लोग हैं, वही इस विरोध के पीछे हैं। उन्होंने बिहार के भागलपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा, "वंदे मातरम का विरोध एक नया विवाद शुरू किया गया है उसके द्वारा जो पाकिस्तान-परस्त लोग होंगे, जो बांग्लादेश-परस्त लोग होंगे, जो रोहिंग्या-परस्त लोग होंगे। क्योंकि भारत में रहकर के अगर भारत माता की वंदना हम नहीं कर सकते तो क्या कर सकते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"

ये भी पढ़ें- 'हम खून दे सकते हैं लेकिन वंदे मातरम् नहीं गा सकते...', बिहार चुनाव के बीच सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन ने ऐसा क्यों कहा?
 

Published By : Kunal Verma

पब्लिश्ड 7 November 2025 at 23:21 IST