'वहां नौकरियां बेची जा रही है तो राहुल गांधी चुप क्यों हैं', झारखंड JPSC प्रोटेस्ट को लेकर कांग्रेस के मौन रहने पर रविशंकर प्रसाद ने उठाए सवाल

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में बड़ी धांधली का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दोहरे रवैये पर कड़ा प्रहार किया है।

 
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झारखंड में विरोध प्रदर्शन को लेकर घिरे राहुल गांधी | Image: ANI

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षाओं में धांधली और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन पर तीखा हमला बोला है।

ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा कराने का ठेका

रविशंकर प्रसाद ने झारखंड सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराने की जिम्मेदारी जानबूझकर एक ऐसी कंपनी को सौंपी, जिसे उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों में पहले ही ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था।

प्रसाद ने कहा, 'जब अन्य राज्यों में धोखाधड़ी के कारण किसी कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया गया है, तो झारखंड सरकार ने उसे फिर से इतना बड़ा ठेका क्यों दिया? ऐसी संदिग्ध कंपनी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने का क्या मतलब निकलता है?'

राहुल गांधी की 'चुनिंदा सक्रियता' पर हमला

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर इलाहाबाद और अन्य शहरों में जाकर युवाओं और छात्रों से रोजगार के मुद्दे पर मिलते हैं, लेकिन झारखंड में अपनी ही गठबंधन सरकार के राज में हो रही धांधली पर चुप्पी साध लेते हैं।

उन्होंने राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि अगर झारखंड में युवाओं की नौकरियां बेची जा रही हैं, तो राहुल गांधी शांत क्यों हैं? वह गैर-कांग्रेस शासित राज्यों में तो आवाज उठाते हैं, लेकिन जहां उनकी पार्टी सरकार में शामिल है, वहां आंखों पर पट्टी बांध लेते हैं। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी को 'दोहरे चेहरे वाला' बताते हुए कहा कि देश की जनता उनके इस पाखंड को अच्छी तरह समझ रही है।

छात्रों का उग्र प्रदर्शन और प्रमुख मांगें

यह पूरा राजनीतिक विवाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC CGL) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के बाद शुरू हुआ है। राज्य भर के छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें हैं। धांधली वाली परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए।
पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।राज्य की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े सुधार किए जाएं।छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे।

विधानसभा के बाहर भाजपा का प्रदर्शन और राष्ट्रपति शासन की मांग

छात्रों के समर्थन में भाजपा विधायकों ने भी झारखंड विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के युवाओं और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी जैसी एजेंसियों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आजसू (AJSU) विधायक निर्मल महतो ने राज्य की स्थिति पर चिंता जताते हुए झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था से जनता और युवाओं का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 6 August 2026 at 19:11 IST