West Bengal: आखिर हुमायूं कबीर ने क्यों की CM सुवेंदु की तारीफ, इस मुद्दे पर TMC का किया विरोध, कहा- कोई बॉर्डर से घुसेगा तो...

पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' अभियान शुरू हो गया है। अब सीएम सुवेंदु अधिकार के इस एक्शन पर AJUP प्रमुख हुमायूं की प्रतिक्रिया आई है।

Follow :  
×

Share


Humayun Kabir & CM Suvendu | Image: ANI

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नई सरकार अपने चुनावी वादों को अमली जामा पहनाते हुए अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकार के नेतृत्व में अवैध घुसपैठियों पर एक्शन शुरू हो गया है। इस कड़ी में सरकार ने सोमवार को राज्य में दो नए होल्डिंग सेंटर (डिटेंशन कैंप) स्थापित किए हैं। अब सरकार के इस कदम पर AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर की प्रतिक्रिया आई है।

पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' अभियान शुरू हो गया है। नई सरकार ने पहले ही इस अभियान का ऐलान किया था। इसके तहत मालदा और मुर्शिदाबाद में दो 'होल्डिंग सेंटर' शुरू किए हैं। अब तक 12 बांग्लादेशी घुसपैठियों को यहां भेज भी दिया गया है। एक और TMC सरकार के इस एक्शन का कड़ा विरोध कर रही है तो आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) प्रमुख हुमायूं कबीर ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

अवैध घुसपैठियों के खिलाफ एक्शन जरूरी- हुमायूं कबीर 

बंगाल में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सरकार के एक्शन पर हुमायूं कबीर ने कहा,"मुख्यमंत्री ने जो घोषणा की कि जो घुसपैठिए हैं जो बाहर से देश में घुसेगा। बंगाल के बॉर्डर से घुसेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैं इस निर्णय का स्वागत करता हूं मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है। जो बाहर से अंदर आएगा उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी ही। TMC इसका विरोध कर रही है तो यह गलत है।"

बंगाल में कहां-कहां खुला डिटेंशन सेंटर 

बता दें कि एक डिटेंशन सेंटर मालदा जिले के इंग्लिश बाजार और दूसरा मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला में खोला गया है। 9 बांग्लादेशी घुसपैठियों को मालदा और 3 को मुर्शिदाबाद के लालगोला कैंप में शिफ्ट किया गया है। ये कार्रवाई डिटेंशन सेंटर खुलने के महज 24 घंटों के अंदर हुई है। यहां पर उनके लिए खाने-पीने और बुनियादी जरूरतों के इंतजाम भी किया गया है।

CM सुवेंदु अधिकारी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस अभियान को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा था कि राज्य की सुरक्षा और स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए अवैध घुसपैठियों को चिन्हित कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानूनी प्रक्रियाओं के तहत चिह्नित लोगों को निर्वासन से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप दिया जाएगा। पूरे मालदा में सत्यापन और पहचान की प्रक्रिया जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें: बकरीद से पहले मुंबई के मीरा रोड की सोसाइटी में बवाल, भिड़े दो पक्ष

Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 26 May 2026 at 14:58 IST