अब जस्टिस स्वर्ण कांता पर पोस्ट मामले में फंसे केजरीवाल-सिसोदिया, हाई कोर्ट ने जारी किया अवमानना नोटिस, 4 हफ्तों में देना होगा जवाब

Delhi High Court Notice to Arvind Kejriwal: दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 5 अन्य AAP नेताओं को आपराधिक अवमानना मामले में नोटिस जारी किया है। मामला जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित अपमानजनक पोस्ट करने से जुड़ा है।

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Arvind Kejriwal- Manish Sisodia | Image: X

Delhi News: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह समेत कई AAP नेताओं को दिल्ली हाई कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया गया है। मामला जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया कैंपेन चलाने से जुड़ा है। कोर्ट ने इन सभी को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्तों का समय दिया है। मामले में अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी।

केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और अन्य नेताओं के खिलाफ जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ मानहानिकारक और बदनाम करने वाली टिप्पणी करने का आरोप है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वह आपराधिक अवमानना मामले में एक एमिकस (न्याय मित्र) भी नियुक्त करेगा।

कोर्ट में पेश नहीं हुए केजरीवाल- सिसोदिया

कथित अवमानना वाले मामले में सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह में से हाई कोर्ट में कोई पेश नहीं हुआ। अवमानना की कार्यवाही 14 मई को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के आदेश के आधार पर शुरू की गई है। अदालत ने बताया कि मामले में सोशल मीडिया पोस्ट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और प्रकाशित सामग्री को आधार बनाया है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को उन्हें संरक्षित रखने और रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया।

कैसे शुरू हुआ विवाद? 

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब आबकारी नीति से जुड़े मामले में CBI और ED की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने खुद को इस केस से अलग करने (Recuse) की आम आदमी पार्टी नेताओं की मांग को खारिज कर दिया था। जस्टिस शर्मा का आरोप है कि उनके इस फैसले के बाद AAP नेताओं और पार्टी के सोशल मीडिया विंग ने जजों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर अत्यंत अपमानजनक और आपत्तिजनक पोस्ट्स शेयर किए।

उन्होंने अरविंद केजरीवाल समेत AAP के कई नेताओं पर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सख्त शब्दों में कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अदालत के रास्ते अपनाने की बजाय उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित बदनामी अभियान छेड़ दिया। उन्होंने कहा था कि अब CBI की याचिका (जिसमें सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है) किसी अन्य बेंच द्वारा सुनी जाएगी।

हाईकोर्ट की ओर से जारी इस आपराधिक अवमानना नोटिस में आम आदमी पार्टी के सात प्रमुख नेताओं को पक्षकार बनाया गया है। इनमें केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक, विनय मिश्रा और देवेश विश्वकर्मा के नाम शामिल हैं।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 19 May 2026 at 12:47 IST