West Bengal Election: 'बंगाल में सांस्कृतिक आपातकाल है, कलाकारों को...', चुनावों के बीच हेमा मालिनी का ममता सरकार पर फूटा गुस्सा
Cultural emergency in Bengal: हेमा मालिनी ने पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक आपातकाल का गंभीर आरोप लगा दिया है। कलाकारों को कार्यक्रम न करने देने पर बीजेपी सांसद ने तीखा बयान दिया है। जिससे सांस्कृतिक स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। जानें हेलाम ने और क्या कुछ कहा, पढ़ें पूरी खबर।
Bengal Cultural Emergency: मथुरा से बीजेपी सांसद और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर लग रही रोक को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इसे ‘सांस्कृतिक आपातकाल’ बताया है। अपने हालिया बयान में हेमा मालिनी ने कहा कि बंगाल में कलाकारों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। 'यह सांस्कृतिक आपातकाल है, बंगाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होने दे रहे हैं, यह नहीं होना चाहिए।'
कलाकारों की स्वतंत्रता पर हेमा ने दिया जोर
हेमा मालिनी ने जोर देकर कहा कि देश में कलाकारों को पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, वह कहीं पर भी कार्यक्रम कर सकते हैं। राजनीतिक बात नहीं आनी चाहिए। कलाकार किसी भी तरीके से सियासत के लोगों से फेवर नहीं चाहता। कलाकार सिर्फ एक सेफ्टी चाहता है और कार्यक्रम करना चाहता है।
ऐसा लगता है बंगाल में 'सांस्कृतिक इमरजेंसी' है- हेमा
हेमा मालिनी ने साफ किया कि बंगाल सरकार इसकी अनुमति नहीं दे रही है, जबकि अन्य राज्यों में राज्य स्तर की अनुमति मिलने पर कहीं भी किसी कार्यक्रम की रोक नहीं लगती। हेमा मालिनी ने कहा, 'मेरे ही नहीं, और भी कलाकारों के कार्यक्रम बंगाल में नहीं होने दिए गए। यह बहुत ही दुखद है।' उन्होंने बताया कि पिछले 8-9 साल से ऐसा हो रहा है।
बंगाल में फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का जिक्र करते हुए हेमा आगे कहती हैं कि, 'इस बार सोचा था कि कार्यक्रम होने देंगे, लेकिन इस बार भी नहीं होने दिया।' हेमा मालिनी के मुताबिक, बंगाल में फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन नहीं बची है। इसके बाद हेमा ने गंभीर आरोप लगाते हुए साफ कह दिया कि, ऐसा लगता है कि इमरजेंसी है। हमें अपने कार्यक्रम नहीं करने दिए जाते। वह अपने पार्टी को हाई प्रोफाइल में रखना चाहते हैं।
कलाकारों को पूरी आजादी दी जानी चाहिए- हेमा मालिनी
हेमा मालिनी मथुरा से लोकसभा सांसद हैं, वो लंबे वक्क से कलाकारों के मुद्दों पर बोलती रही हैं। उनका यह बयान पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक गतिविधियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चल रही बहस छेड़ रहा है। हेना ने आगे जोड़ा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकतंत्र का मजबूत हिस्सा हैं और इन्हें राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। हेमा मालिनी ने अपील की है कि सभी राज्यों में कलाकारों को बिना किसी राजनीतिक दबाव के कार्यक्रम करने की पूरी आजादी दी जानी चाहिए। इस तरह हेमा मालिनी का ये बयान देशभर के कलाकारों और संस्कृति प्रेमियों का ध्यान खींच रहा है।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 1 April 2026 at 20:55 IST