हरियाणा में बिजली कर्मियों की हड़ताल खत्म, CM सैनी के साथ बैठक के बाद फैसला; 3 नवंबर को बाकी मांगों पर सरकार के साथ फिर होगी बैठक
हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में चल रही हड़ताल दूसरे दिन खत्म कर दी। बिजली कर्मचारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया है।
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हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने गुरुग्राम-नूंह में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के विरोध में चल रही हड़ताल दूसरे दिन खत्म कर दी। बिजली कर्मचारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक के बाद ये फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक सरकार ने कर्मचारियों को विभाग निजीकरण ना करने का आश्वासन दिया। अब 3 नवंबर को सरकार के साथ बाकी मांगों पर बैठक होगी।
हड़ताल खत्म होने के तुरंत बाद बिजली कर्मचारियों ने फील्ड में उतरकर बिजली व्यवस्था को तेजी से बहाल करना शुरू कर दिया है। बिजली कर्मचारियों के यूनियन लीडर देवेंद्र हुड्डा ने मीडिया से बातचीत करते हुए हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने निजीकरण और एक निजी कंपनी को दिए गए समानांतर लाइसेंस के विरोध में ये आंदोलन शुरू किया था। आज मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में सरकार ने कहा कि वो निजीकरण के खिलाफ है।
देवेंद्र हुड्डा ने कहा, 'मुख्यमंत्री ने हमें आश्वस्त किया है कि बिजली विभाग में किसी भी निजी खिलाड़ी या कंपनी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि विभाग पूरी तरह से सरकारी ढांचे के तहत ही काम करेगा।
बैठक के बाद सीएम नायब सैनी का बयान
बैठक के बाद हरियाणा सीएम नायब सैनी ने कहा- HERC ने एक आदेश पारित किया है। आदेश पारित होने से पहले ही ऊर्जा मंत्री ने अपना रुख विधानसभा में बताया था। हमने कर्मचारियों को कहा है हम आपके साथ हैं। उन्होंने कहा, HERC के स्वतंत्र संस्था है उसके आदेश हमे भी मानने पड़ते हैं। हमने सेक्शन 108 के तहत HERC को निर्देश दिया है कि इस फैसले को रद्द किया जाए।
हमारे सभी यूनियन के पदाधिकारी यहां बैठे हैं सबको आश्वस्त किया है। कर्मचारियों ने भी हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया है। बिजली विभाग में किसी भी प्रकार का निजीकरण नहीं होगा।
अनिल विज ने क्या कहा
बिजली कर्मचारियों संग बैठक के बाद हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने कहा- हमने पहले दिन से ही निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध किया था। हमने किसी कंपनी से आवेदन नहीं मांगे थे लेकिन जो नियामक है उसके सामने कोई भी निजी कंपनी आवेदन कर सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि हमने तो विपक्ष को भी बता दिया था नियामक ने ऐसा फैसला लिया है आप भी हमारे साथ आएं और इस फैसले को चुनौती दी जाए। उन्होंने कहा, धारा 108 के तहत हम इस फैसले को रुकवाने के लिए हस्ताक्षर कर दिया है। इसी एक्ट के सेक्शन 94 के तहत इस आदेश को रिव्यू कराने के लिए भी HERC से अपील करेंगे।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 23 October 2026 at 19:21 IST