Grand Venice Mall: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED का बड़ा एक्शन, ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतिंदर भसीन को किया गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा स्थित प्रसिद्ध ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतिंदर सिंह भसीन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेशी के बाद उन्हें 6 जून 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है।

 
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ग्रैंड वेनिस मॉल | Image: Republic

Grand Venice Mall Owner: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ग्रेटर नोएडा स्थित प्रसिद्ध ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतिंदर सिंह भसीन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 29 मई 2026 को उनकी गिरफ्तारी हुई।

ईडी द्वारा गिरफ्तारी के बाद सतिंदर सिंह भसीन को गाजियाबाद की विशेष अदालत पीएमएलए में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 6 जून 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है। भसीन के ऊपर आरोप है कि विभिन्न रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेशकों को समय पर कमर्शियल यूनिट्स देने का वादा कर करोड़ों रुपये की धनराशि एकत्र की, लेकिन परियोजनाएं न तो पूरी की गईं और न ही निवेशकों को यूनिट्स का कब्जा दिया गया।

समन से बचते नजर आए थे भसीन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार जांच के दौरान भसीन लगातार एजेंसी द्वारा जारी किए गए समन से बचते नजर आ रहे थे और वो जांच में अच्छे में सहयोग भी नहीं कर रहे थे, जिसके बाद इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 15 मई 2026 को आदेश करते हुए ईडी को उन्हें हिरासत में लेने के निर्देश दिए थे।

निवेशकों के करोड़ों रुपये किए गलत खर्च 

ईडी की जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की कई एफआईआर के आधार पर हुई थी। इस मामले में भसीन इन्फोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (BIIPL), ग्रैंड वेनिस समूह की कंपनियों, सतिंदर सिंह भसीन, क्विंसी भसीन और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज किए गए थे। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि भसीन निवेशकों से करोड़ों रुपये की धनराशि एकत्र की, लेकिन परियोजनाएं न तो पूरी की गईं और न ही निवेशकों को यूनिट्स का कब्जा दिया गया।

जांच में फंड डायवर्जन का खुला राज

ईडी की जांच में सामने आया कि भसीन द्वारा निवेशकों और आम जनता लिए धन का उपयोग परियोजनाओं के निर्माण और विकास में करने के बजाय समूह की विभिन्न कंपनियों और सहयोगी संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए दूसरी जगहों पर स्थानांतरित और खर्च किया गया। इस तरह निवेशकों के पैसे का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।

44 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही अटैच

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सतिंदर सिंह भसीन की पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। एजेंसी के अनुसार, इस संपत्ति का वर्तमान में मूल्य करीब 44.06 करोड़ रुपये है। वहीं, अब ईडी अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 30 May 2026 at 20:57 IST