सरकार औरंगजेब के कब्र की सुरक्षा के लिए बाध्य है, लेकिन उसके महिमा मंडन की अनुमति नहीं: फडणवीस
देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि सरकार औरंगजेब के कब्र की सुरक्षा करने के लिए बाध्य है, लेकिन वह उसकी विरासत का ‘‘महिमा मंडन’’ करने के प्रयासों की अनुमति नहीं देगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि सरकार औरंगजेब के कब्र की सुरक्षा करने के लिए बाध्य है, लेकिन वह उसकी विरासत का ‘‘महिमा मंडन’’ करने के प्रयासों की अनुमति नहीं देगी।
फडणवीस ने यह आश्वासन ऐसे समय में दिया है जब हिंदू संगठन मुगल सम्राट के मकबरे को ध्वस्त करने का आह्वान कर रहे हैं। इन संगठनों का दावा है कि मकबरा ‘‘दर्द और गुलामी का प्रतीक’’ है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने औरंगजेब के मकबरे को संरक्षित स्थल घोषित किया हुआ है, इसलिए वह इसकी सुरक्षा करने के लिए बाध्य है और इसका संरक्षण करना श्रद्धा से ज्यादा ऐतिहासिक रिकॉर्ड का विषय है।
मुख्यमंत्री ने ठाणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर उन्हें समर्पित एक मंदिर का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को औरंगजेब के अत्याचारों के इतिहास के बावजूद उसकी कब्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी पड़ रही है। हालांकि, मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यदि उनकी विरासत का ‘महिमा मंडन’ करने का कोई प्रयास किया गया तो यह सफल नहीं होगा।’’
उन्होंने कहा कि केवल छत्रपति शिवाजी महाराज के मंदिर का ही महिमा मंडन किया जा सकता है, औरंगजेब की कब्र का नहीं।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों पर सोमवार को दिन में प्रदर्शन किया और खुल्दाबाद में औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए ज्ञापन सौंपे।
Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 17 March 2025 at 19:54 IST