Goa Nightclub Fire: 50 हजार के मुचलके पर लूथरा बंधुओं को मिली जमानत, नाइटक्लब में आग लगने से हुई थी 25 लोगों की मौत

Goa Nightclub Fire : गोवा के बिर्च बाय रोमियो नाइटक्लब आग मामले में NOC फर्जीवाड़े के आरोप में जेल में बंद लूथरा बंधुओं गौरव और सौरभ को मापुसा कोर्ट ने 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है। दिसंबर 2025 में हुए इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई थी। कोर्ट ने कहा कि जांच जारी रहेगी और आरोपी सहयोग करेंगे।

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लूथरा बंधुओं को मिली जमानत | Image: Republic

Goa Nightclub Case: 7 दिसंबर, 2025 को गोवा के बिर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में एक दिल दहला देने वाले हादसा हुआ। नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई थी। भीषण आग की घटना से जुड़े NOC फर्जीवाड़े मामले में कोर्ट ने क्लब के मालिकों गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा को जमानत दे दी है। अब दोनों भाई जल्द ही जेल से बाहर आने वाले हैं।

ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) कोर्ट, मापुसा ने दोनों को 50,000 रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर जमानत मंजूर की है। कोर्ट ने कहा कि जांच अभी भी जारी रहेगी और आरोपी जमानत पर रहते हुए भी जांच में सहयोग करेंगे। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि इस चरण में हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है।

7 दिसंबर, 2025 में गोवा के अर्पोरा स्थित इस नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। यह गोवा की नाइटलाइफ के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक है। पुलिस के अनुसार, क्लब मालिकों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी, इमरजेंसी एग्जिट की कमी और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लाइसेंस हासिल करने के आरोप हैं।

फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का आरोप

लूथरा बंधु क्लब के को-ओनर हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने डिपार्टमेंट का फर्जी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) बनाकर एक्साइज लाइसेंस और दूसरी परमिशन ली थी। क्लब में ग्राउंड और डेक फ्लोर पर पर्याप्त इमरजेंसी एग्जिट नहीं होने के बावजूद फायर शो आयोजित किया गया, जिससे हादसा हुआ।

थाईलैंड भाग गए थे लूथरा बंधु

इससे पहले 1 अप्रैल, 2026 को एडिशनल सेशंस जज कोर्ट ने मुख्य आग वाले मामले में दोनों को नियमित जमानत दे दी थी, लेकिन मापुसा पुलिस ने तुरंत NOC फर्जीवाड़े के अलग मामले में उन्हें कस्टडी में ले लिया था। अब उस फर्जीवाड़े मामले में भी जमानत मिल गई है।

दिसंबर 2025 में हुई इस घटना के बाद लूथरा बंधुओं को थाईलैंड से डिपोर्ट कर भारत लाया गया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं में केस दर्ज किया था। गोवा सरकार ने इस मामले में अर्पोरा विलेज पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर और सेक्रेटरी रघुवीर बागकर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। मैजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में पाया गया कि क्लब को बिना मंजूरी के अस्थायी शेड से नाइटक्लब में बदला गया था और अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 8 April 2026 at 13:33 IST