'भारत माता की जय बोलना पड़ेगा, राष्ट्रगीत भी गाना पड़ेगा और...', वंदे मातरम बिल पर असदुद्दीन ओवैसी के विरोध पर BJP का करारा जवाब

गुरुवार को लोकसभा से वंदे मातरम बिल पारित हो गया है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक पर कड़ा एतराज जताया है। अब उनके बयान पर BJP की ओर से करार पलटवार किया गया है।

 
Follow :
Asaduddin Owaisi | Image: ANI

संसद से राष्ट्रीय सम्मान (संशोधन) विधेयक -2026 (Prevention of Insults to National Honour) को मंजूरी मिल गई। राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार को लोकसभा ने भी विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ध्वनिमत से इस विधेयक को मंजूरी दे दी। अब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्र गान 'जन गण मन' के समान ही कानूनी संरक्षण मिलेगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही यह कानून बन जाएगा। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक पर कड़ा एतराज जताया है। राष्ट्रगीत के लेकर उनके बयान पर भाजपा नेता ने करारा पलटवार किया है।

असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, 'ओवैसी जी अब भारत में राष्ट्रहित सर्वोपरि रहेगा। वो तुष्टीकरण की राजनीति का जमाना लद चुका है कि 60 साल तक राष्ट्रगीत को इसलिए कांग्रेस की सरकारों ने आगे नहीं आने दिया गया क्योंकि एक धर्म विशेष के वोट न खिसक जाए। अब भारत माता की जय भी बोलना पड़ेगा और राष्ट्रगीत भी गाना पड़ेगा और राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना से देश में काम भी करना पड़ेगा।'

अब ओवैसी को वंदे मातरम बोलना पड़ेगा-गौरव वल्लभ

BJP नेता ने आगे कहा, 'अगर ओवैसी राष्ट्रगीत को स्वीकार नहीं करते हैं तो उन पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। असली दिक्कत ओवैसी जी को ये है कि उनको वंदे मातरम बोलने से समस्या है आपको बोलना पड़ेगा और भारत माता की जयकारा लगाना पड़ेगा और राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना से देश में रहना है तो उसी भावना से काम करना पड़ेगा।'

July 30, 2026

ओवैसी ने नए विधेयक पर क्या कहा?

लोकसभा में पास हुए ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "आप जब जन-गण-मन पढ़ते हैं तो उसमें क्या दिखता है। उसमें यह देश दिखता है, देश की जनता दिखती है। जब आप वंदे मातरम पढ़ते हैं तो उसमें भगवान और देवी के बारे में पूजा की बात है।'

ओवैसी ने क्यों कहा राजेंद्र प्रसाद ने बहुत बड़ी गलती की?

ओवैसी ने आगे कहा, "अब उन मुजाहिदीन ए आजादी को क्या बोलेंगे जिन्होंने इस देश की आजादी के लिए कुर्बानी दी। जन-गण-मन तो जनता के लिए लिखा गया था। मैं कह रहा हूं कि साल 1950 में राजेंद्र प्रसाद ने बहुत बड़ी गलती की। उन्होंने बिना रेजुलेशन के कह दिया कि यह राष्ट्रीय गीत है जबकि रेजुलेशन लेना चाहिए था। कहीं पर भी राष्ट्रीय गीत की परिभाषा नहीं है। आप (केंद्र सरकार) आर्टिकल 25, 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं।"

July 30, 2026

कितनी सजा का प्रावधान

बता दें कि अब विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम'' को वही कानूनी संरक्षण देना है, जो अभी राष्टीय गान ‘जन गण मन’, राष्टीय ध्वज और संविधान को प्राप्त है। ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026'  पारित होने के बाद बाद अगर कोई जानबूझकर 'वंदे मातरम्' का अपमान करता है या गीत में रुकावट डालता है, तो उसे 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। 
 

यह भी पढ़ें: PM मोदी के VIDEO हटाने का मामला, सरकार ने Meta को फिर भेजा समन

Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 30 July 2026 at 21:52 IST