GBS Alert: मुंबई में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से पहली मौत, अस्पताल में वार्ड बॉय का काम करता था मृतक

मुंबई के एक अस्पताल में 53 वर्षीय व्यक्ति ने गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के कारण जान गंवा दी, जो इस तंत्रिका विकार के कारण यहां हुई पहली मौत है।

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मुंबई में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से पहली मौत | Image: Pinterest

मुंबई के एक अस्पताल में 53 वर्षीय व्यक्ति ने गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के कारण जान गंवा दी, जो इस तंत्रिका विकार के कारण यहां हुई पहली मौत है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वडाला इलाके का निवासी और एक अस्पताल में ‘वार्ड बॉय’ के रूप में काम करने वाला मरीज लगभग 15 दिन पहले पहले पुणे गया था, जहां जीबीएस का प्रकोप देखा गया है।

अधिकारियों ने कहा कि उसे 23 जनवरी को यहां एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, कई दिन से उसकी हालत गंभीर थी और मंगलवार को उसकी मौत हो गई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) के आयुक्त और प्रशासक भूषण गगरानी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से पुष्टि की कि यह जीबीएस के कारण महानगर में पहली मौत है। 

मुंबई में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम से पहली मौत

अधिकारियों ने पहले कहा था कि मुंबई में जीबीएस का पहला मामला सात फरवरी को सामने आया था, जब अंधेरी (पूर्व) की निवासी 64 वर्षीय महिला इससे पीड़ित पाई गई थी। जीबीएस तंत्रिका संबंधी एक दुर्लभ विकार है, जिसमें व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे शरीर के हिस्से अचानक सुन्न पड़ जाते हैं। मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और कुछ निगलने या सांस लेने में भी दिक्कत होती है।

 

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Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 12 February 2025 at 13:51 IST