अपडेटेड 12 March 2026 at 15:47 IST
Iran Israel War: विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान के मंत्री अराघची से 3 बार बात हुई, शिपिंग की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई- MEA
भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच तीन दौर की वार्ता हुई है। MEA प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि पिछली बातचीत में शिपिंग की सेफ्टी और इंडिया की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों पर बात हुई थी।
भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि हाल के दिनों में भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष के बीच तीन बार बातचीत हो चुकी है। इन वार्ताओं का मुख्य फोकस क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापारिक सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों पर रहा।
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस बीच जायसवाल ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के विदेश मंत्री के बीच ये बातचीत दोनों देशों के बीच मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हैं। भारत के लिए ईरान एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है, खासकर ऊर्जा आयात और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के मामले में। चाबहार बंदरगाह परियोजना जैसे प्रोजेक्ट्स इन संबंधों की मजबूती का प्रतीक हैं।
ईरान युद्ध से जुड़े एक दूसरे सवाल के जवाब में MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमारे विदेश मंत्री अपने ईरानी काउंटरपार्ट से बात कर रहे हैं और पिछले कुछ दिनों में तीन बार बातचीत हुई है। जहां तक युद्ध के असर की बात है, तो यह सबके सामने है कि आस-पास क्या हो रहा है। हम में से कई लोगों की जिंदगी पर इसका असर पड़ा है, सिर्फ हमारी ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों और देशों पर इसका असर पड़ा है ।"
ईरान में 9000 भारतीय
ईरान में करीब 9000 भारतीय नागरिक हैं। इसमें ज्यादातर छात्र, नाविक और श्रद्धालू हैं। MEA के प्रवक्ता ने बताया कि हमने जनवरी और फरवरी में ईरान छोड़ने की एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें बहुत से लोग लौट आए। युद्ध के शुरू होने के बाद जो भारतीय ईरान में थे, उन्हें हम सुरक्षा स्थानों पर ले गए। अजरबैजान और आर्मीनिया से बॉर्डर से वापसी कर रहे लोगों को भी सरकार मदद कर रही है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 12 March 2026 at 15:30 IST